अंबेडकरनगर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार का मामला अब विधानसभा परिषद तक पहुंच गया है। विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने सदन में मुख्य चिकित्सा अधिकारी संजय कुमार शैवाल के खिलाफ गंभीर आरोप उठाते हुए कार्रवाई की मांग की।
एमएलसी ने कहा कि सीडीओ की जांच आख्या में दोषी पाए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जांच में अनियमितताओं की पुष्टि हो चुकी है तो प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई में देरी क्यों की जा रही है। इस मुद्दे पर सदन में सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा गया।
जांच रिपोर्ट पर उठे सवाल
सदन में चर्चा के दौरान यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ जांच पूरी होने के बाद भी कार्रवाई लंबित है। एमएलसी ने कहा कि इससे प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर प्रश्नचिह्न लग रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि दोषी पाए जाने की स्थिति में नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सूत्रों के अनुसार, सीडीओ स्तर से की गई जांच में कुछ वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। हालांकि, आधिकारिक स्तर पर विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। विपक्षी सदस्यों ने भी इस मामले में पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर दिया।
विशेष सचिव ने महानिदेशक से मांगी आख्या
मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विशेष सचिव ने महानिदेशक से विस्तृत आख्या मांगी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, संबंधित प्रकरण में सभी बिंदुओं की समीक्षा की जा रही है और उच्च स्तर पर रिपोर्ट का परीक्षण किया जाएगा।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि प्राप्त आख्या के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि जांच रिपोर्ट में लगाए गए आरोप पुष्ट होते हैं तो विभागीय नियमों के तहत आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।








