41.99 लाख पौधे बचाने की कवायद, तमसा में जलकुंभी हटाने की तैयारी

वृक्षारोपण के बाद सुरक्षा और सिंचाई की समीक्षा, घाघरा किनारे 54 ग्राम गंगा सेवा समितियों के नवीनीकरण के निर्देश

अंबेडकरनगर। जिले में रोपे गए 41 लाख 99 हजार 500 पौधों की सुरक्षा और सिंचाई की बुधवार को समीक्षा की गई। कलेक्ट्रेट सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला पर्यावरण समिति और जिला गंगा समिति की बैठक हुई। प्रभागीय वनाधिकारी और जिला विकास अधिकारी की मौजूदगी में अगले वर्ष के पौधारोपण, अपशिष्ट प्रबंधन और नदी संरक्षण से जुड़े कार्यों की प्रगति देखी गई।

16.57 लाख पौधों की टैंकर से सिंचाई

वन विभाग की ओर से रोपे गए 16 लाख 57 हजार पौधों की सिंचाई टैंकरों से कराई जा रही है। आसपास के किसानों से समन्वय भी किया जा रहा है। पौधों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा खाई और तारबाड़ की व्यवस्था की गई है। अन्य विभागों को भी अपने पौधारोपण की सुरक्षा और सिंचाई की जानकारी देने के निर्देश दिए गए।

तमसा के जलप्रवाह में बाधा, मशीनीकृत सफाई के निर्देश

शेखपुर और कटुई क्षेत्र के तमसा नदी पुल के नीचे जलकुंभी और कचरा जमा होने का मामला बैठक में प्रमुखता से उठा। इससे नदी का जलप्रवाह और स्वच्छता प्रभावित हो रही है। ग्राम पंचायत स्तर से सफाई संभव नहीं होने पर सिंचाई विभाग को तकनीकी परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए। इसके बाद मशीनीकृत सफाई को नमामि गंगे या विभागीय कार्ययोजना में शामिल करने को कहा गया।

घाघरा किनारे 54 समितियां होंगी नवीनीकृत

घाघरा नदी के किनारे पहले से गठित 54 ग्राम गंगा सेवा समितियों के नवीनीकरण के निर्देश दिए गए। तमसा नदी के किनारे स्थित ग्राम पंचायतों में नई समितियों के गठन की प्रक्रिया भी पूरी करने को कहा गया।

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