- जनता से जुड़ाव और सेवा की राजनीति ने अंशुमान सिंह को जलालपुर का लोकप्रिय चेहरा बनाया
- घोषणाओं से नहीं, काम और कर्म से बनाया भरोसे का सेतु
- 2027 चुनाव से पहले अंशुमान सिंह बन रहे भाजपा की उम्मीदों की मजबूत नींव
अम्बेडकरनगर। भारतीय जनता पार्टा (भाजपा) के युवा नेता अंशुमान सिंह ने जलालपुर विधानसभा क्षेत्र में अपनी मजबूत पैठ बना ली है। 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज होने के साथ ही अंशुमान का नाम सबसे प्रबल दावेदार के तौर पर उभर रहा है। जमीनी स्तर पर उनके कार्यों और जनसंपर्क ने उन्हें क्षेत्र की जनता का चहेता बना दिया है।
जनसेवा से बनाई अलग पहचान
अंशुमान सिंह ने राजनीति को सिर्फ भाषणबाजी तक सीमित नहीं रखा, बल्कि जनसेवा को अपना मुख्य हथियार बनाया। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक उनकी सक्रिय उपस्थिति और लोगों की समस्याओं के निराकरण ने उन्हें एक विश्वसनीय नेता के रूप में स्थापित किया है। उनके समर्थकों का दावा है कि वे हर संकट में जनता के साथ खड़े नजर आते हैं, चाहे वह सड़क हादसा हो, बाढ़ हो या फिर किसी गरीब की मदद का मामला।
युवाओं, किसानों और महिलाओं पर फोकस
युवाओं के लिए- कैरियर काउंसलिंग, स्कॉलरशिप योजनाएं और खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन।
किसानों के लिए- मंडी, सिंचाई और बीज समस्याओं को लेकर प्रशासन से लगातार मुखरता।
महिलाओं के लिए- सेल्फ हेल्प ग्रुप, सिलाई प्रशिक्षण और स्वास्थ्य शिविरों का संचालन।
भाजपा संगठन में भी मजबूत पकड़
अंशुमान सिंह ने न सिर्फ जनता का भरोसा जीता है, बल्कि पार्टी के भीतर भी उनकी साख मजबूत हुई है। बूथ से लेकर मंडल स्तर तक कार्यकर्ताओं को संगठित करने में उनकी भूमिका अहम रही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, 2027 के चुनाव में उन्हें प्रत्याशी बनाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
चुनावी समीकरण और संभावनाएं
स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अंशुमान सिंह का जनाधार और संगठनात्मक क्षमता उन्हें चुनावी रण में मजबूत प्रत्याशी बनाती है। अगर भाजपा उन्हें टिकट देती है, तो जलालपुर में उनके पक्ष में माहौल दिख रहा है।
“अंशुमान सिंह ने सेवा को राजनीति से ऊपर रखा है, यही वजह है कि जनता उन पर भरोसा करती है,” — एक स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता।
अब देखना होगा कि क्या 2027 का चुनावी समर अंशुमान सिंह के नाम रहता है और क्या जलालपुर की जनता उन्हें अपना विधायक चुनती है।








