कई विभागों में अटके आवेदन- यूपी के निवेश वातावरण पर असर

  • निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित आवेदन- विभागों में फैली असुविधा
  • यूपी में उद्योगों के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने में देरी
  • निवेश मित्र पोर्टल का उद्देश्य- ऑनलाइन प्रक्रिया से सुधार की कोशिश

लखनऊ।  उत्तर प्रदेश सरकार के ‘निवेश मित्र’ पोर्टल पर 23 विभागों में 694 आवेदन लंबित पड़े हैं, जिसमें भूगर्भ जल विभाग (139), पॉवर कॉर्पोरेशन (98) और नोएडा प्राधिकरण (83) शीर्ष तीन हैं। यह पोर्टल उद्योगों को 32 विभागों की एनओसी प्रक्रिया आसान बनाने के लिए लॉन्च किया गया था।

प्रमुख बिंदु

  • 30 दिनों की टाइमलाइन फिर भी देरी: पोर्टल पर आवेदनों को 30 कार्यदिवसों में स्वीकृत करने का नियम है, लेकिन सैकड़ों आवेदन अटके हैं।
  • तीन विभागों में एक तिहाई बैकलॉग: केवल भूगर्भ जल, पॉवर कॉर्पोरेशन और नोएडा प्राधिकरण में 320 आवेदन (कुल का 46%) लंबित हैं।

अन्य विभागों की स्थिति:

  • ग्रेटर नोएडा (82), यूपीसीडीए (57), आवास विभाग (51)
  • प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (24), शहरी विकास (15), एमएसएमई (31)

बेहतर प्रदर्शन वाले विभाग

  • यूपीएडा (6), कृषि विभाग (5), गोरखपुर औद्योगिक प्राधिकरण (4)
  • राज्य कर, श्रम, अग्निशमन जैसे विभागों में केवल 1-1 आवेदन लंबित।

पृष्ठभूमि

निवेश मित्र पोर्टल का उद्देश्य उद्यमियों को विभागीय चक्कर लगाने से बचाना और ऑनलाइन एनओसी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना था। हालांकि, लंबित आवेदनों से निवेशकों की चिंताएं बढ़ रही हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया:
अधिकारियों का कहना है कि विभागीय समीक्षा के बाद शीघ्र स्वीकृतियां दी जाएंगी। भूगर्भ जल विभाग ने बताया कि जल संसाधनों की जांच में अधिक समय लगता है, जिससे देरी हो रही है।विशेषज्ञ राय:

“इंडस्ट्रियल एनओसी प्रक्रिया में अब भी सुधार की जरूरत है। स्वचालित मंजूरी प्रणाली और जवाबदेही तय करनी होगी।” — डॉ. राजीव मित्तल, आर्थिक नीति विश्लेषक, प्रदेश सरकार ने 2025 तक ₹10 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा है, लेकिन ऐसी अड़चनें इस राह में चुनौती बन रही हैं।

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