अम्बेडकरनगर। जनपद में प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में शुक्रवार को महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 141 चयनित ईसीसीई एजुकेटरों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।
समारोह की अध्यक्षता जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने की। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने संयुक्त रूप से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। अधिकारियों ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उन्हें अपने दायित्वों के प्रति सजग और प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया।
3 से 6 वर्ष आयु वर्ग पर विशेष फोकस
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कहा कि तीन से छह वर्ष आयु वर्ग बच्चों के समग्र विकास की आधारशिला होता है। इस आयु में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और देखभाल भविष्य की शैक्षिक उपलब्धियों को प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि ईसीसीई एजुकेटरों की भूमिका बच्चों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और संवेगात्मक विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नियुक्ति केवल रोजगार का अवसर नहीं, बल्कि नौनिहालों के भविष्य निर्माण से जुड़ा दायित्व है। सभी एजुकेटरों से अपेक्षा की गई कि वे समर्पण और ईमानदारी के साथ कार्य करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाएंगे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप पहल
जिलाधिकारी ने बताया कि यह नियुक्ति प्रक्रिया National Education Policy 2020 के प्रावधानों के अनुरूप की गई है। साथ ही NIPUN Bharat Mission के तहत प्रारम्भिक शिक्षा को मजबूत करने की रणनीति के अंतर्गत को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों पर ईसीसीई एजुकेटरों की तैनाती की जा रही है।
इन एजुकेटरों की जिम्मेदारी बच्चों के लिए अनुकूल शिक्षण वातावरण तैयार करना, खेल-आधारित एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति को बढ़ावा देना और सीखने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाना है। अधिकारियों ने कहा कि प्रारम्भिक स्तर पर मजबूत आधार तैयार होने से आगे की शिक्षा में बेहतर परिणाम मिलते हैं।








