
- डाबर इंडिया के मुनाफे में गिरावट: निवेशकों को क्या मिलेगा?
- चौथी तिमाही में डाबर के रेवेन्यू में हल्की वृद्धि, लेकिन मुनाफे में गिरावट
- डाबर का डिविडेंड ऐलान- निवेशक क्यों हो सकते हैं खुश?
नई दिल्ली। घरेलू उत्पादों की प्रमुख कंपनी डाबर इंडिया लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही (Q4FY25) के वित्तीय नतीजे जारी किए हैं, जिसमें शुद्ध मुनाफा 8.2% गिरकर ₹313 करोड़ रहा। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹341 करोड़ था।
कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू तिमाही आधार पर 0.53% बढ़कर ₹2,830 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में ₹2,815 करोड़ था।
शेयरहोल्डर्स के लिए डिविडेंड का ऐलान
डाबर इंडिया ने अपनी चौथी तिमाही के परिणामों के साथ अपने सभी शेयरहोल्डर्स के लिए प्रति शेयर ₹5.25 का लाभांश देने का ऐलान किया है। यह कंपनियों द्वारा अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा शेयरहोल्डर्स को देने का एक तरीका है।
विश्लेषकों की उम्मीदों से बेहतर नतीजे
हालांकि, चौथी तिमाही में डाबर इंडिया का मुनाफा विश्लेषकों की उम्मीदों से बेहतर रहा है, लेकिन कंपनी के शेयर की कीमत पिछले एक साल में 14% घट चुकी है। आज कंपनी का शेयर ₹480 पर बंद हुआ, जो पिछले एक महीने में 6% चढ़ा है, लेकिन एक साल के आंकड़ों में गिरावट को दर्शाता है।
कंपनी का इतिहास
डाबर इंडिया की शुरुआत 140 साल पहले, 1884 में डॉ. एस. के. बर्मन ने एक छोटे से घर में दवाइयां बनाने से की थी। शुरुआत में उन्होंने दवाइयों को उन लोगों तक पहुंचाया, जिनके पास स्वास्थ्य सेवाओं की सुविधाएं नहीं थीं। आज डाबर च्यवनप्राश, डाबर हनी, डाबर पुदीन हारा और डाबर आंवला जैसे उत्पादों के साथ देश की प्रमुख उपभोक्ता कंपनियों में से एक बन चुकी है।








