- दिव्यांग बेटे को मारने की कोशिश का CCTV फुटेज आया सामने
- मानसिक तनाव और पारिवारिक कलह से जूझ रही थीं नीतेश सिंह
- फुटेज देखने के बाद पति-पत्नी में हुआ था तीखा विवाद
लखनऊ। एडिशनल एसपी मुकेश प्रताप सिंह की पत्नी नीतेश सिंह की आत्महत्या के मामले में चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। आत्महत्या से एक दिन पहले नीतेश ने अपने ऑटिज्म पीड़ित बेटे की हत्या की कोशिश की थी। यह घटना लखनऊ पुलिस लाइन स्थित ट्रांजिट हॉस्टल की है, जहां 30 जुलाई को उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
अब CCTV फुटेज सामने आया है जिसमें वह अपने बेटे का मुंह तकिये से दबाते और फिर उसकी गर्दन दबाने की कोशिश करती नजर आ रही हैं। हालांकि, 10 सेकेंड के भीतर बच्चा खुद को छुड़ा लेता है और अपने हाथों से अपना चेहरा ढक लेता है।
तानों से तंग आकर बेटे की हत्या का प्रयास
परिजनों के अनुसार, नीतेश सिंह लंबे समय से डिप्रेशन में थीं और मानसिक रोग विशेषज्ञ से उनका इलाज चल रहा था। दिव्यांग बेटे की जिम्मेदारी और समाज से मिलने वाले तानों के कारण वह मानसिक रूप से टूट चुकी थीं। आत्महत्या से एक दिन पहले यानी 29 जुलाई को उन्होंने बेटे की हत्या की कोशिश की थी, जिसके बाद पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ।
हर गतिविधि पर नज़र रखने के लिए लगाए थे कैमरे
एडिशनल एसपी मुकेश प्रताप सिंह ने अपने घर में सीसीटीवी कैमरे लगवा रखे थे। 29 जुलाई के फुटेज में नीतेश बेटे पर हमला करती दिखती हैं। आरोप है कि मुकेश वीडियो देखकर ही नितेश से झगड़ पड़े थे, जिससे तनाव और बढ़ गया।
मृतका के भाई का आरोप- मुकेश मानसिक रूप से कर रहे थे प्रताड़ित
नीतेश सिंह के भाई प्रमोद कुमार ने दावा किया कि उनकी बहन को पति मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुकेश का एक विवाहित महिला से संबंध था और इसी बात को लेकर नीतेश लगातार तनाव में रहती थीं। प्रमोद ने कहा कि कैमरे लगवाने का उद्देश्य सिर्फ खुद को निर्दोष साबित करना था।
जांच में जुटी पुलिस, सभी एंगल से हो रही पड़ताल
पुलिस का कहना है कि जिस शाम वीडियो रिकॉर्ड हुआ, उसी रात नीतेश ने आत्महत्या कर ली। फिलहाल पुलिस कॉल डिटेल, वॉट्सऐप चैट और CCTV फुटेज की गहनता से जांच कर रही है। यह भी जांच का विषय है कि यह वास्तव में आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है।








