अंबेडकरनगर। बुनकरों की उत्पादन लागत को कम करने और उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई अटल बिहारी वाजपेयी पावरलूम विद्युत फ्लैट रेट योजना को लेकर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने जनपद के समस्त विद्युत बुनकर उपभोक्ताओं से योजना का लाभ उठाने की अपील की है।
इस योजना के तहत शहरी और ग्रामीण बुनकरों को पावरलूम चलाने के लिए फ्लैट रेट पर विद्युत आपूर्ति की जा रही है। योजना 01 अप्रैल 2023 से प्रभावी है और इसका उद्देश्य पारंपरिक बुनकर समुदाय को राहत देना है।
नगरीय क्षेत्र के लिए फ्लैट रेट दरें
जिन बुनकरों के पास शहरी क्षेत्रों में 1 किलोवाट से 5 किलोवाट तक का कनेक्शन है, उनके लिए फ्लैट रेट निम्नानुसार निर्धारित किया गया है:
0.5 एचपी तक (60″ रीड स्पेस तक के लूम) – ₹400 प्रति माह प्रति पावरलूम।
1 एचपी तक (60″ से अधिक रीड स्पेस) – ₹800 प्रति माह प्रति पावरलूम।
ग्रामीण क्षेत्र के लिए राहत दरें
ग्रामीण क्षेत्र के बुनकर उपभोक्ताओं के लिए विद्युत दरें और भी किफायती रखी गई हैं:
0.5 एचपी तक (60″ रीड स्पेस तक के लूम) – ₹300 प्रति माह प्रति पावरलूम।
1 एचपी तक (60″ से अधिक रीड स्पेस) – ₹600 प्रति माह प्रति पावरलूम।
बड़े कनेक्शन के लिए विशेष प्रावधान
5 किलोवाट से अधिक भार वाले कनेक्शन (7 एचपी से अधिक) वाले उपभोक्ताओं के लिए योजना में निम्न प्रावधान किए गए हैं:
7 एचपी से 12 एचपी भार वाले कनेक्शन पर ₹7.30 प्रति यूनिट और ₹290 प्रति किलोवाट प्रति माह फिक्स्ड चार्ज।
10 किलोवाट से अधिक भार पर ₹6.57 प्रति यूनिट और ₹290 प्रति किलोवाट प्रति माह फिक्स्ड चार्ज।
700 रुपये प्रति एचपी प्रतिमाह की दर से अनुदान, अधिकतम ₹9100 प्रति कनेक्शन प्रतिमाह तक।
अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
बिजली कर (Electricity Duty) – सभी उपभोक्ताओं को 7.5% की दर से देय होगा।
सहयोगी उपकरणों की सीमा – स्वीकृत भार का केवल 10% तक अन्य उपकरणों के प्रयोग की अनुमति है।
अधिभार पर पेनाल्टी – अनुबंधित लोड से अधिक उपयोग पर पेनाल्टी देय होगी।
सिंगल व थ्री फेज कनेक्शन – दोनों को योजना का लाभ अनुमन्य है।
एक परिसर, एक कनेक्शन – एक ही परिसर में एक ही पावरलूम कनेक्शन मान्य होगा।
घरेलू उपयोग हेतु पृथक मीटर अनिवार्य – बुनकरों को घरेलू बिजली हेतु अलग कनेक्शन लेना होगा।
जिलाधिकारी ने की अपील
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने स्पष्ट किया कि योजना को लेकर जनपद में किसी भी प्रकार की भ्रांति न फैलाएं। शासन की मंशा है कि बुनकरों को सस्ती और सुगम विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जाए ताकि उनका उत्पादन निर्बाध रूप से चलता रहे और वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिके रह सकें।








