- रामजी लाल सुमन के आवास पर करणी सेना का हमला
- हमले को लेकर विपक्ष ने योगी सरकार को घेरा
- सपा प्रवक्ता ने बीजेपी पर दलित विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया
लखनऊ। हाल ही में आगरा में समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन के आवास पर करणी सेना के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए हमले ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। यह हमला सुमन द्वारा राज्यसभा में राणा सांगा को ‘गद्दार’ कहे जाने के बाद हुआ, जिससे राजपूत समाज में आक्रोश फैल गया।
हमले के दौरान करणी सेना के सदस्य बुलडोजर और वाहनों के साथ सुमन के आवास पर पहुंचे और तोड़फोड़ की। पुलिस ने बुलडोजर को बाहर रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे के गेट से अंदर घुस गए और आवास में तोड़फोड़ की। इस घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस हमले की कड़ी निंदा की और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करते हैं, तो यह माना जाएगा कि यह हमला उनकी अनुमति से हुआ है।
सांसद रामजी लाल सुमन ने इस हमले को ‘गुंडई और दबंगई’ करार दिया और कहा कि यह एक पूर्व नियोजित हमला था। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने हमलावरों को पकड़ने के बावजूद उन्हें छोड़ दिया, जिससे कानून व्यवस्था पर सवाल उठते हैं।
समाजवादी पार्टी की नेता डिंपल यादव ने भी इस घटना की निंदा की और इसे सरकार द्वारा करवाई गई हरकत बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं युवाओं को गलत संदेश देती हैं और सरकार को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।








