आजमगढ़ के PCS अफसर आशीष कुमार सिंह ने फांसी लगाकर दी जान

  • फोन पर पत्नी से बहस के बाद उठाया आत्मघाती कदम
  • ससुराल पक्ष पर मानसिक उत्पीड़न के आरोप, परिवार ने पत्नी को अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होने दिया
  • 10 साल पहले हुई थी शादी, 5 साल का बेटा नमन अब ससुराल वालों के पास

प्रतापगढ़। आजमगढ़ में तैनात जिला समाज कल्याण अधिकारी (PCS अफसर) आशीष कुमार सिंह ने गुरुवार सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वे प्रतापगढ़ स्थित अपने पैतृक घर छुट्टी पर आए थे। पुलिस के अनुसार, घटना से पहले फोन पर पत्नी से झगड़ा हुआ था, जिसके बाद वह अपने कमरे में गए और फंदे से लटक गए।

घटना के हालात

गुरुवार सुबह ड्यूटी पर जाने की तैयारी कर रहे आशीष को पत्नी क्षमता सिंह का फोन आया। बातचीत के दौरान झगड़ा बढ़ने पर वे कमरे में लौटे और फांसी लगा ली। जब 15–20 मिनट तक दरवाजा नहीं खुला तो छोटे भाई रोहित ने खिड़की से देखा, अंदर आशीष का शव गमछे से लटका हुआ था।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

परिवार और विवाद की पृष्ठभूमि

आशीष कुमार सिंह (40) की शादी 10 साल पहले सुल्तानपुर की क्षमता सिंह से हुई थी। दोनों का एक पांच साल का बेटा है। परिजनों के अनुसार, पिछले दो साल से पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा था और पत्नी मायके में रह रही थी। कुछ दिनों से विवाद ज्यादा बढ़ गया था।

परिवार का आरोप है कि ससुराल पक्ष भी आशीष को प्रताड़ित कर रहा था। घटना के बाद पत्नी क्षमता बेटे के साथ ससुराल पहुंचीं लेकिन परिवारवालों ने बेटे को अपने पास रख लिया और पत्नी को लौटा दिया।

कैरियर और उपलब्धियां

आशीष कुमार सिंह मूल रूप से प्रतापगढ़ के पूरे केशवराय गांव के रहने वाले थे। वे पढ़ाई में होनहार थे। पहले वे बेसिक शिक्षा विभाग में खंड शिक्षा अधिकारी थे। दो साल पहले PCS परीक्षा पास कर जिला समाज कल्याण अधिकारी बने थे।

परिजनों के आरोप और पुलिस की जांच

आशीष के चाचा शिवजीत सिंह ने आरोप लगाया कि पत्नी और उसके परिवार के लोग लंबे समय से उन्हें परेशान कर रहे थे। वहीं कुछ लोगों ने बताया कि पत्नी क्षमता सिंह ने पति पर शराब पीकर मारपीट के आरोप लगाए थे, इसी वजह से वह मायके में रह रही थीं।

सीओ सिटी प्रशांत राज हुड्डा ने बताया कि पत्नी से विवाद की वजह सामने आ रही है। परिजनों की शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी।

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