- गोरखपुर में NEET छात्र हत्या मामले का आरोपी अजहर की इलाज के दौरान मौत
- ग्रामीणों ने अजहर को पकड़कर पीटा, पुलिस से झड़प में अफसर घायल
- 15 सितंबर को मऊआचापी गांव में पशु तस्करों और ग्रामीणों में भिड़ंत
गोरखपुर। मऊआचापी गांव में NEET छात्र दीपक गुप्ता की हत्या के मामले में पकड़े गए मुख्य आरोपी अजहर उर्फ अजब हुसैन (21) की इलाज के दौरान मौत हो गई। आरोपी शुक्रवार सुबह 10:37 बजे बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ICU में दम तोड़ दिया। वह बिहार के गोपालगंज का रहने वाला था।
घटना की पृष्ठभूमि
15 सितंबर की रात 13 पशु तस्कर दो गाड़ियों से पिपराइच के मऊआचापी गांव पहुंचे थे। लूट की कोशिश के दौरान ग्रामीणों और तस्करों में भिड़ंत हो गई। इस दौरान तस्करों ने फायरिंग कर NEET की तैयारी कर रहे छात्र दीपक गुप्ता को अपनी गाड़ी में खींच लिया और बाद में उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी।
ग्रामीणों ने अजहर को पकड़ा, पुलिस से झड़प
वारदात के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य आरोपी अजहर को पकड़ लिया और उसकी गाड़ी फूंक दी। भीड़ ने उसे पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो ग्रामीणों ने तस्कर को पुलिस के हवाले करने से इनकार किया। इस झड़प में एसपी नॉर्थ जितेंद्र श्रीवास्तव और थाना प्रभारी योगेश मावी घायल हो गए। पुलिस ने किसी तरह अजहर को छुड़ाया और अस्पताल में भर्ती कराया।
एनकाउंटर में पकड़े गए अन्य आरोपी
इस मामले में पुलिस ने बुधवार को कुशीनगर में एनकाउंटर के दौरान तीन अन्य बदमाशों – छोटू, राजू और रहीम – को पकड़ा। इसमें रहीम के पैरों में गोली लगी थी।
पूरे जिले में तनाव
दीपक की हत्या के बाद गोरखपुर-पिपराइच रोड पर ग्रामीणों ने जाम लगा दिया और पुलिस पर पथराव किया। मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचने के बाद DIG शिवसिंपी चनप्पा और SSP राजकरण नय्यर घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिवार को न्याय और सख्त कार्रवाई का भरोसा देकर जाम खुलवाया।
जांच और कार्रवाई
छात्र की हत्या और पुलिस-ग्रामीण झड़प के बाद SSP ने जंगल धूषण चौकी इंचार्ज ज्योति नारायण तिवारी समेत चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर विभागीय जांच बैठा दी।








