
अंबेडकरनगर। हज यात्रा पर रवाना होने से पहले गणेशपुर स्थित चोरवा में रविवार रात एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें ज़मीरुल हसन को हज यात्रा के लिए विदाई दी गई। आयोजन नज़ीरुल हसन खान के संयोजन में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता मिर्ज़ा नबी हुसैन ने की और संचालन मौलाना दिलशाद खान ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत कुरान की तिलावत से हुई। इसके बाद मौजूद विद्वानों और लोगों ने हज यात्रा पर जा रहे यात्री को शुभकामनाएं दीं। वक्ताओं ने हज के धार्मिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला।
हज के महत्व पर विचार
मौलाना फुरकान ने कहा कि हज इस्लाम की महत्वपूर्ण इबादत है। यह इंसान को आत्मिक शुद्धता और अनुशासन का संदेश देती है। शिक्षक मोहम्मद असलम खान ने कहा कि हज से सब्र, कुर्बानी और इंसानियत की सीख मिलती है।
अध्यक्षता कर रहे मिर्ज़ा नबी हुसैन ने कहा कि हज का अवसर मिलना विशेष माना जाता है। यह जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम है। मौलाना दिलशाद खान ने कहा कि हज यात्रियों के लिए दुआ करना समाज की जिम्मेदारी है।
समाज में एकता का संदेश
कार्यक्रम के संरक्षक मिर्ज़ा अफ़ज़ल ने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में एकता और आपसी सहयोग की भावना मजबूत होती है। अंत में दुआ के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ।
इस मौके पर अमजद हुसैन, अशहद खान, तालिब खान अजमेर, आदिल खान सहित अन्य लोग मौजूद रहे।









