
पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच Election Commission of India ने सख्त रुख अपनाते हुए 5 पुलिस अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। पहले चरण के मतदान के दौरान सामने आई अनियमितताओं और शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया है, जिससे चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखा जा सके।
अनियमितता पर एक्शन: 5 अधिकारी सस्पेंड
आयोग ने जिन अधिकारियों पर कार्रवाई की है, उनमें आईपीएस अधिकारी संदीप गरई (एडिशनल एसपी, डायमंड हार्बर) प्रमुख हैं। इसके अलावा एसडीपीओ सजल मंडल, प्रभारी निरीक्षक मौसम चक्रवर्ती, फाल्टा थाने के अजय बाग और उस्ती थाने की सुभेच्छा बाग को भी सस्पेंड किया गया है।
निष्पक्षता पर सवाल: एसपी को चेतावनी
डायमंड हार्बर की एसपी डॉ. ईशानी पाल को भी निष्पक्षता बनाए रखने में विफल रहने पर चेतावनी जारी की गई है। आयोग का कहना है कि चुनाव ड्यूटी में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
क्यों लिया गया सख्त फैसला?
पहले चरण के मतदान के दौरान कई जगहों पर हिंसा और दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आई थीं। कुछ उम्मीदवारों पर हमले हुए और वाहनों में तोड़फोड़ की गई। इन घटनाओं के बाद आयोग ने अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा की, जिसमें पक्षपात और लापरवाही के संकेत मिले।
दूसरे चरण से पहले सख्ती बढ़ी
पहले चरण में 92% से अधिक मतदान दर्ज होने के बाद अब 29 तारीख को दूसरे चरण का मतदान होना है। इस चरण में 142 सीटों पर वोटिंग होगी। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
गृह मंत्रालय को भेजी जा सकती है रिपोर्ट
सूत्रों के मुताबिक, आईपीएस संदीप गरई के खिलाफ मिले सबूतों की रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भी भेजी जा सकती है, जिससे उनके खिलाफ और सख्त कार्रवाई संभव है।









