
- अंबेडकरनगर में शौचालय योजना में गड़बड़ी
- 1.02 लाख आवेदनों में 49 हजार अपात्र
- ग्राम स्तर पर जांच में खुलासा
अम्बेडकरनगर। अम्बेडकरनगर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए चल रही निजी शौचालय निर्माण योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। जिले में कुल 1,02,467 लोगों ने आवेदन किया था। जांच के बाद इनमें से 49,762 आवेदक अपात्र पाए गए हैं।
ग्राम स्तर पर हुई जांच
योजना के तहत ग्राम प्रधान और सचिव स्तर पर सभी आवेदनों की जांच की गई। जांच में केवल 50,208 आवेदक ही पात्र पाए गए। रिपोर्ट के अनुसार लगभग आधे आवेदन नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए।
12 हजार रुपये की मिलती है सहायता राशि
सरकार की ओर से पात्र लाभार्थियों को निजी शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। जांच के बाद पात्र पाए गए आवेदकों को यह राशि चरणबद्ध तरीके से दी जा रही है।
किस्त वितरण की स्थिति
जिले में अब तक 47,872 लाभार्थियों के खातों में दो किस्तों में राशि भेजी जा चुकी है। हालांकि, 2,336 पात्र लाभार्थियों को अभी तक एक भी किस्त नहीं मिल पाई है। इससे कई ग्रामीणों में असंतोष की स्थिति है।
इसके अलावा 2,497 आवेदन पत्रों की जांच अभी लंबित है। विभागीय स्तर पर इनकी प्रक्रिया जारी है।
निर्माण कार्य पूरा होने का दावा
विभाग का कहना है कि जिन लाभार्थियों को पूरी राशि मिल चुकी है, उनके शौचालय निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं। स्वच्छ भारत मिशन के जिला कोआर्डिनेटर वीरेंद्र कुमार ने बताया कि अपात्र आवेदकों को पहले ही सूची से बाहर किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि जिन पात्र लाभार्थियों के खातों में राशि नहीं पहुंची है, उन्हें जल्द भुगतान किया जाएगा।









