आपातकाल के 50 साल- झांसी में बीजेपी का कांग्रेस पर हमला

  • मुलायम की आत्मा रो रही होगी: बीएल वर्मा
  • सत्ता के लिए चुप हैं लालू: बीजेपी
  • इमरजेंसी में मोदी ने विरोध की मशाल उठाई

झांसी। आपातकाल की 50वीं बरसी पर भारतीय जनता पार्टी ने झांसी में कांग्रेस के साथ-साथ समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल को भी आड़े हाथों लिया। पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा ने शुक्रवार को पत्रकारवार्ता में कहा कि “मुलायम सिंह यादव की आत्मा आज रो रही होगी कि समाजवादी पार्टी कांग्रेस की गोद में बैठ गई है।”

बीएल वर्मा ने कहा कि इमरजेंसी के दौरान आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने भी जेल की यातना झेली है, लेकिन आज सत्ता के लालच में वे चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “लालू जिंदा हैं, लेकिन बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाते।”

कांग्रेस पर सीधा हमला

बीएल वर्मा ने 25 जून 1975 को इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का ‘काला अध्याय’ बताते हुए कहा,
“देश पर न कोई युद्ध था, न कोई आपात स्थिति। 12 जून को कोर्ट ने इंदिरा गांधी का चुनाव रद्द किया और इसके जवाब में सत्ता बचाने के लिए उन्होंने आपातकाल लागू कर दिया।”

उन्होंने आरोप लगाया कि इमरजेंसी के दौरान आरएसएस, जनसंघ, प्रेस और आम नागरिकों तक पर अत्याचार किए गए। “लोगों के नाखून खींचे गए, बिजली के झटके दिए गए और जेल में ठूंस दिया गया।”

“नरेंद्र मोदी उस दौर के युवा नायक थे”

केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आपातकाल का “युवा नायक” बताते हुए कहा कि
“संघ प्रचारक के रूप में मोदी ने उस समय पर्चे बांटे, विरोध की रणनीति बनाई और बैठकें कीं। वही नरेंद्र मोदी आज देश का नेतृत्व कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि “62 लाख युवाओं की जबरन नसबंदी कराई गई थी। आज का युवा यह समझे कि कांग्रेस ने किस तरह संविधान का गला घोंटा था।”

इंदिरा गांधी पर कटाक्ष, लगाए गए पोस्टर

बीजेपी ने झांसी में इंदिरा गांधी के खिलाफ पोस्टर भी लगाए, जिनमें उन्हें संविधान को पीछे छुपाने वाली के तौर पर दिखाया गया है। एक पोस्टर में लिखा गया –
“आपातकाल: भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय।”

वहीं नरेंद्र मोदी को ‘आपातकाल में विरोध की मशाल थामने वाला युवा नायक’ बताते हुए उनकी पुरानी तस्वीरों के साथ पोस्टर लगाए गए हैं।

“लालू-एसपी की चुप्पी सत्ता का सौदा”

बीएल वर्मा ने कहा कि उस दौर में जनसंघ, आरएसएस, जेपी आंदोलन, मुलायम सिंह यादव, लालू प्रसाद यादव जैसे कई नेता जेल गए थे।
“लेकिन आज सत्ता के लिए एसपी और आरजेडी कांग्रेस की गोद में बैठे हैं।”
उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि जनता को यह सब याद रहे और युवा पीढ़ी जाने कि आज की आज़ादी किस कीमत पर है।”

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