- सहारनपुर की पंचायत में BJP विधायक को क्लीनचिट
- आरोप लगाने वाली कोमल ने आत्महत्या की कोशिश की
- समिति ने तीन बिंदुओं पर सुनाया फैसला
सहारनपुर। गंगोह से भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक कीरत सिंह को शनिवार को यौन उत्पीड़न के एक गंभीर आरोप से बड़ी राहत मिली। गुर्जर समाज की जांच समिति ने उन्हें 13 वर्षीय लड़की के यौन शोषण के मामले में क्लीनचिट दे दी। सहारनपुर में हुई इस पंचायत में समिति ने तीन बिंदुओं पर जांच कर यह फैसला सुनाया। हालांकि, समिति का निर्णय आते ही पूर्व भाजपा नेता कोमल चौधरी गुस्से में आ गईं और आत्महत्या की कोशिश करने लगीं।
घटना सहारनपुर की एक बहुमंजिला इमारत में हुई, जहां समिति की बैठक चल रही थी। जैसे ही कीरत सिंह को क्लीनचिट दी गई, कोमल चौधरी बालकनी की ओर दौड़ीं और चौथी मंजिल से कूदने की कोशिश करने लगीं। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें समय रहते पकड़कर बचा लिया। इसके बाद वह फूट-फूटकर रोने लगीं और थोड़ी देर में बेहोश हो गईं।
समिति के फैसले की मुख्य बातें:
गुर्जर समाज की समिति में अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर और पांच अन्य सदस्य मौजूद थे। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद निर्णय तीन बिंदुओं पर आधारित रहा:
-
मामला पारिवारिक और राजनीतिक विवाद से जुड़ा पाया गया।
-
चरित्रहीनता के आरोप निराधार पाए गए, कोई सबूत नहीं मिला।
-
मोनू पंडित की आपत्तिजनक टिप्पणी पर सार्वजनिक माफी कराई गई।
समिति के अनुसार विधायक किसका राजनीतिक समर्थन करते हैं, यह उनका निजी निर्णय है और इसे साजिश नहीं माना जा सकता। कोमल चौधरी द्वारा लगाए गए आरोपों को आधारहीन बताया गया, क्योंकि उन्होंने कोई प्रमाण समिति के सामने पेश नहीं किए।
विधायक बोले- “अगर सबूत है तो सामने लाएं”
इस मामले को लेकर विधायक कीरत सिंह पहले ही कह चुके हैं कि कोमल किसी के उकसावे पर आरोप लगा रही हैं। उन्होंने कहा था, “अगर उनके पास कोई ऑडियो, वीडियो या सबूत है, तो सार्वजनिक करें।”
कोमल चौधरी का पलटवार
कोमल चौधरी ने समिति के फैसले को एकतरफा बताते हुए कहा कि उन्हें सुनवाई का मौका नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही वह पुख्ता प्रमाण सार्वजनिक करेंगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विधायक के अपने एक सहयोगी से समलैंगिक संबंध हैं और वह उनके परिवार को लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं।
भाजपा से पहले ही निकाली जा चुकी हैं कोमल
27 जून को कोमल ने गंगोह विधायक के खिलाफ महापंचायत की थी, जिसके बाद पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। इस महापंचायत में हंगामा भी हुआ था।
सोशल मीडिया पर छवि खराब करने का आरोप
रामपुर मनिहारान के एक ग्रामीण ने कोमल चौधरी के खिलाफ FIR दर्ज कराई है, जिसमें कहा गया है कि उन्होंने विधायक की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो साझा किया।








