- कांग्रेस के विवादास्पद बयानों पर खड़ा हुआ उहापोह
- भाजपा ने कांग्रेस नेताओं के बयानों को क्यों बताया पाकिस्तान की भाषा?
- कांग्रेस के बयानों पर जयराम रमेश का तीखा प्रतिकार
नई दिल्ली । कांग्रेस पार्टी ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर पार्टी नेताओं के विवादास्पद बयानों से अपना पल्ला झाड़ लिया है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, कांग्रेस नेता आरबी तिम्मापुर, विजय वडेट्टीवार, मणिशंकर अय्यर, तारिक हामिद कर्रा, सैफुद्दीन सोज और रॉबर्ट वाड्रा के बयानों के बाद कांग्रेस पर विरोधी दलों का आरोप लगने लगा है।
भा.ज.पा. का हमला: “कांग्रेस के कुछ नेता पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं”
भाजपा ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल के कुछ नेता पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा, “कांग्रेस सरकार के फैसलों के साथ खड़ी है, लेकिन पार्टी के कुछ नेताओं ने पहलगाम आतंकी हमले पर गलत और अपमानजनक बयान दिए हैं।”
कांग्रेस नेताओं के बयानों पर भाजपा का प्रतिक्रिया
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सिद्धारमैया ने कहा कि “पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़ने की कोई जरूरत नहीं है। हमें शांति बनाए रखने के लिए कड़े सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है, लेकिन युद्ध का कोई पक्ष नहीं है।”
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आरबी तिम्मापुर ने इस बयान को असंवेदनशील करार दिया और कहा, “आतंकी हमला करते समय धर्म से कोई संबंध नहीं होता। धर्म के आधार पर इसे राजनीतिक मुद्दा बनाना पागलपन है।”
भा.ज.पा. की आलोचना-भा.ज.पा. सांसद निशिकांत दुबे ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से सवाल किया, “क्या सिद्धारमैया देशभक्त हैं या देशद्रोही? लोग यह फैसला करें।” उन्होंने कांग्रेस नेताओं के बयानों पर तीखा हमला करते हुए कहा, “क्या हमें पाकिस्तान के साथ मिलकर उनके लोगों को मारने के बाद उनकी आरती उतारनी चाहिए?”








