- क्या पुलवामा हमले में पाकिस्तान की भूमिका का खुला कबूलनामा है ये?
- ‘रणनीतिक चतुराई’ या आतंकवाद की स्वीकृति – क्या बोले एयर वाइस मार्शल
- क्या यह बयान पाकिस्तान की साजिशों का पर्दाफाश करता है?
नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर सहमति के बीच पाकिस्तानी वायु सेना के एक शीर्ष अधिकारी ने पुलवामा आतंकी हमले (2019) को लेकर विवादित बयान दिया है। पाकिस्तान एयर फोर्स के एयर वाइस मार्शल औरंगजेब अहमद ने इस हमले को “रणनीतिक चतुराई” बताते हुए कहा कि उन्होंने “अपनी प्रतिभा और कुशलता का प्रदर्शन किया”। यह बयान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
क्या कहा एयर वाइस मार्शल ने?
अहमद ने कहा, “अगर पाकिस्तान की ज़मीन, आसमान या पानी को खतरा होता है, तो कोई समझौता नहीं होगा… हमने पुलवामा में अपनी प्रतिभा से संदेश देने की कोशिश की और अब रणनीतिक कुशलता भी दिखाई है।” उनके इस बयान को भारत में पाकिस्तान की “छुपी मंशा” का प्रमाण माना जा रहा है।
पुलवामा हमले का सिलसिला
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14 फरवरी 2019: जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के आत्मघाती हमलावर ने CRPF के काफिले पर हमला किया, जिसमें 40 जवान शहीद हुए।
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26 फरवरी 2019: भारत ने बालाकोट में JeM के प्रशिक्षण कैंप पर एयर स्ट्राइक कर जवाबी कार्रवाई की।
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27 फरवरी 2019: पाकिस्तानी वायु सेना ने भारतीय सीमा में घुसकर जवाबी हवाई हमला किया, जिसमें भारत ने एक F-16 लड़ाकू विमान मार गिराया।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया
अहमद के बयान के बाद भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स ने पाकिस्तान को “आतंकवाद का समर्थक” बताते हुए निंदा की:
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एक यूजर: “क्या पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर पुलवामा हमले की ज़िम्मेदारी स्वीकार कर ली?”
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दूसरा यूजर: “यह पाकिस्तानी सेना का खुला इकबालिया बयान है कि पुलवामा हमला राज्य-समर्थित था।”
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तीसरा यूजर: “अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अब पाकिस्तान के ‘आतंकी एजेंडे’ पर कार्रवाई करनी चाहिए।”
कूटनीतिक मोर्चे पर प्रभाव?
भारत ने पहले ही पुलवामा हमले के लिए पाकिस्तान को ज़िम्मेदार ठहराया था, लेकिन अब एक वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारी का यह बयान नई बहस छेड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान पाकिस्तान की “डबल गेम” नीति को उजागर करता है, जहां एक ओर वह सीजफायर की बात करता है, दूसरी ओर आतंकवाद को “रणनीतिक उपलब्धि” बताता है।
अगला पड़ाव: अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच पाकिस्तान की सरकार या सेना इस बयान पर सफाई देगी या इसे स्वीकार करेगी, यह देखने वाली बात होगी।







