- 18 क्रू मेंबर्स में से 4 लापता, 5 घायल
- इंडियन कोस्ट गार्ड और नेवी का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
- INS सूरत और INS गरुड़ से सहायता ली जा रही
कोच्चि। सिंगापुर के कार्गो शिप MV WAN HAI 503 में सोमवार सुबह कोच्चि तट के पास अचानक आग लग गई। जहाज़ श्रीलंका के कोलंबो पोर्ट से 7 जून को रवाना हुआ था और 10 जून को नवी मुंबई के न्हावा शेवा पोर्ट (JNPT) पहुंचने वाला था। हादसे के वक्त जहाज़ पर 18 क्रू मेंबर्स मौजूद थे, जिनमें से 4 लापता हैं जबकि 5 घायल बताए जा रहे हैं।
इंडियन कोस्ट गार्ड और नेवी ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है। न्यू मंगलौर के पास कोस्ट गार्ड के जहाज़ राजदूत, अर्नवेश, सचेत, समुद्र प्रहरी और एयरक्राफ्ट सी-144 राहत कार्यों में लगे हैं। इंडियन नेवी का INS सूरत भी ऑपरेशन में शामिल है। साथ ही कोच्चि स्थित नेवी एयर स्टेशन INS गरुड़ से भी डोर्नियर एयरक्राफ्ट की मदद ली जा रही है।
डिफेंस अधिकारियों के मुताबिक सुबह 10:30 बजे मुंबई मैरीटाइम ऑपरेशन सेंटर ने कोच्चि मैरीटाइम अथॉरिटीज़ को हादसे की जानकारी दी। प्रारंभिक सूचना में धमाके की आशंका जताई गई थी, लेकिन बाद में पुष्टि हुई कि आग शिप के अंडर डेक हिस्से में लगी है। शिप अब भी समुद्र में बह रहा है।
केरल तट पर इससे पहले लाइबेरिया का कार्गो शिप भी डूबा था
यह पहला समुद्री हादसा नहीं है। हाल ही में 24 मई को केरल तट से 38 समुद्री मील दूर लाइबेरिया के कार्गो शिप MSC एल्सा-3 के डूबने की घटना सामने आई थी। इस जहाज़ पर 640 कंटेनरों में खतरनाक केमिकल जैसे कैल्शियम कार्बाइड, डीज़ल और फर्नेस ऑयल लदे थे।
इंडियन कोस्ट गार्ड और नेवी ने तत्परता दिखाते हुए रूस, यूक्रेन, जॉर्जिया और फिलीपींस के 24 क्रू मेंबर्स को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया था। शुरुआत में तीन वरिष्ठ क्रू मेंबर्स शिप को डूबने से बचाने की कोशिश में जहाज़ पर ही रुके थे, लेकिन बाद में उन्हें भी INS सुजाता द्वारा सुरक्षित निकाल लिया गया था।
शिपिंग और कोस्टल ऑपरेशन्स पर सवाल
लगातार सामने आ रही समुद्री घटनाओं ने कोस्टल सेफ्टी और कार्गो हैंडलिंग सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती समुद्री गतिविधियों के चलते इंडियन कोस्ट लाइन की निगरानी और रिस्पॉन्स सिस्टम को और मजबूत बनाने की ज़रूरत है।








