मेरठ। आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आजाद ने गुरुवार को मेरठ में कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान कहा कि सपा सांसद इकरा हसन उनकी मासूम छोटी बहन हैं और उनके खिलाफ जो बयानबाजी हुई, वह पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी की आड़ में किसी को व्यक्तिगत रूप से निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
सम्मेलन में चंद्रशेखर ने गैंगस्टर बदर अली और उनके लगभग 2 हजार मुस्लिम कार्यकर्ताओं को पार्टी में शामिल कराए। बदर अली पर गैंगस्टरी और अन्य 22 मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि आज की राजनीतिक लड़ाई सिर्फ अधिकार मांगने की नहीं, बल्कि उसे छीनने की है और इसी संघर्षशीलता को आजाद समाज पार्टी आगे बढ़ा रही है।
चंद्रशेखर ने कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी कि पश्चिमी यूपी में सरकार से डरने की बजाय गरीब और वंचित वर्ग के अधिकारों के लिए संघर्ष करना होगा। उन्होंने कहा कि इबादतगाहों और विद्या के मंदिरों में राजनीति नहीं हो सकती और छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की आवश्यकता है।
सम्मेलन में कार्यकर्ताओं ने सांसद को नीली पगड़ी पहनाई और केतली भेंट की। गुर्जर महापंचायत में जेल के रविंद्र भाटी ने उन्हें सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा भेंट की। 80 वर्षीय महर्षि वाल्मीकि को मंच पर बुलाकर सांसद ने सम्मानित किया।
चंद्रशेखर और पार्टी नेतृत्व का मानना है कि पश्चिमी यूपी में दलित-मुस्लिम गठजोड़ का समीकरण अब भी चुनाव की दिशा तय करता है। सम्मेलन में नए युवा मुस्लिम वोटरों को पार्टी से जोड़ने और उन्हें सक्रिय रूप से शामिल कराने की रणनीति पर जोर दिया गया।
बदर अली, जो लंबे समय से बिरादरी कार्यों में सक्रिय हैं, 2027 विधानसभा चुनाव में संभावित उम्मीदवार हैं। सपा और बसपा में टिकट न मिलने के बाद उन्होंने अपने राजनीतिक करियर को नई दिशा देने के लिए आजाद समाज पार्टी का दामन थामा।








