कानपुर। मदर टेरेसा स्कूल की डिप्टी सेक्रेटरी मीशा साइलस ने अपने ही परिवार पर धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाया है। मीशा का कहना है कि उनके भाई यशराज साइलस और मां डॉ. बीना साइलस ने पिता की मृत्यु के बाद फर्जी वसीयत बनवाकर उन्हें स्कूल से और प्रॉपर्टी से बेदखल कर दिया।
बुधवार को मीशा ने पुलिस कमिश्नर से मिलकर पूरे मामले की शिकायत की और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अब भी उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर न्याय की गुहार लगाएँगी।
पिता की मौत के बाद बेदखली का आरोप
किदवई नगर निवासी मीशा ने बताया कि उनके पिता बलराज साइलस ने मदर टेरेसा स्कूल की स्थापना की थी। उन्होंने परिवार के सभी लोगों को स्कूल की मैनेजमेंट कमेटी में शामिल किया और मीशा को उप सचिव (डिप्टी सेक्रेटरी) की जिम्मेदारी दी।
पिता का निधन 3 सितंबर 2020 को कोरोना काल में हुआ। मीशा का आरोप है कि दो साल बाद उनके भाई और मां ने मिलकर एक फर्जी वसीयत तैयार की और संडीला में उसका पंजीकरण करवा लिया, जबकि संपत्ति कानपुर में स्थित है।
पुलिस जांच पर उठाए सवाल
मीशा के अनुसार, फर्जी वसीयत के खिलाफ उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद क्रिमिनल कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज हुई। लेकिन नौबस्ता थाना पुलिस ने मामले में गंभीरता नहीं दिखाई और जल्दबाजी में जांच पूरी कर ‘एफआर’ (फाइनल रिपोर्ट) लगा दी।
उन्होंने बताया कि जब वह दोबारा कोर्ट गईं तो कोर्ट ने फिर से विवेचना के आदेश दिए, मगर तीन साल बीत जाने के बाद भी अब तक कोई ठोस जांच नहीं हुई। इस दौरान तीन जांच अधिकारी बदले गए, लेकिन किसी ने भी केस में गंभीरता नहीं दिखाई।








