- जम्मू-कश्मीर के कठुआ में बादल फटने से 7 की मौत, कई घायल
- जोद घाटी, मथरे चक, बगार्ड-चंगड़ा में लैंडस्लाइड
- हिमाचल के कुल्लू और मंडी में बादल फटने से 10 घर क्षतिग्रस्त
जम्मू-कश्मीर। रविवार सुबह जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बादल फटने से भारी तबाही मची। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के बॉर्डर से सटे जोद घाटी इलाके में बादल फटने से 7 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हैं। इसके अलावा मथरे चक, बगार्ड-चंगड़ा और दिलवान-हुटली में लैंडस्लाइड हुई। प्रभावित इलाकों में कई घरों में मलबा भर गया है और सड़क संपर्क टूट गया।
कठुआ के डिप्टी एसपी राजेश शर्मा ने बताया कि 2-3 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और 6 लोग मलबे में फंसे होने की आशंका है। जांगलोट समेत नेशनल हाईवे के कई हिस्सों और रेलवे ट्रैक पर भी यातायात बाधित हुआ है। सेना ने हेलिकॉप्टर के जरिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
हिमाचल में भी कहर, चंडीगढ़-मनाली फोरलेन बंद
हिमाचल प्रदेश में कुल्लू के टकोली और शालानाला में रविवार सुबह बादल फटने से 10 से ज्यादा घरों और कई वाहनों को नुकसान पहुंचा। टकोली, पनारसा और नगवाई में फ्लैश फ्लड के बाद मलबा फैल गया। एफकॉन कंपनी के ऑफिस और कॉलोनी की दीवार ढह गई। चंडीगढ़-मनाली फोरलेन कई जगह बंद हो गया है। मौसम विभाग ने चंबा, मंडी, शिमला और सिरमौर में यलो अलर्ट जारी किया है।
किश्तवाड़ में अब तक 65 मौतें
14 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ के चसोटी गांव में बादल फटने से अब तक 65 लोगों की मौत हो चुकी है। 500 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया गया जबकि 200 से ज्यादा अभी लापता हैं। एनडीआरएफ, सेना, पुलिस समेत कई एजेंसियां बचाव कार्य में जुटी हैं।
मौसम विभाग ने 17-19 अगस्त तक जम्मू-कश्मीर के 11 जिलों में भारी बारिश और लैंडस्लाइड की चेतावनी दी है।








