
अम्बेडकर नगर । महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज में “पेशेंट सेंट्रिक इंटीग्रेटेड डायग्नोस्टिक सर्विसेज” विषय पर सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यशाला आयोजित की जाएगी। यह कार्यक्रम 14 मई, गुरुवार को कॉलेज के ऑडिटोरियम में होगा। आयोजन पैथोलॉजी विभाग की ओर से किया जा रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं में बदलते स्वरूप को देखते हुए इस CME का उद्देश्य पारंपरिक पैथोलॉजी और आधुनिक डायग्नोस्टिक तकनीकों के बीच समन्वय स्थापित करना है। कार्यक्रम को लेकर चिकित्सकों में उत्साह है। अब तक 100 से अधिक पंजीकरण पूरे हो चुके हैं।
डिजिटल पैथोलॉजी और AI पर विशेष सत्र
कार्यशाला में डिजिटल पैथोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर विस्तार से चर्चा होगी। प्रयोगशाला सूचना प्रणाली (LIS) में नई तकनीकों के उपयोग को भी समझाया जाएगा।
इसके अलावा साइटोलॉजी, फ्लो साइटोमेट्री, IHC और ल्यूकेमिया निदान जैसे विषयों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित होंगे। केस आधारित चर्चा के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।
क्लिनिकल और मेडिकोलीगल पहलुओं पर भी चर्चा
कार्यक्रम में एकीकृत डायग्नोस्टिक्स, गुणवत्ता आश्वासन और प्रत्यायन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। मेडिकोलीगल पहलुओं पर भी जानकारी दी जाएगी, जिससे चिकित्सकों को पेशेवर कार्य में सहायता मिलेगी।
UP मेडिकल काउंसिल से मान्यता, मिलेंगे क्रेडिट पॉइंट्स
इस CME को यूपी मेडिकल काउंसिल से मान्यता प्राप्त है। कार्यक्रम में भाग लेने वाले चिकित्सा पेशेवरों को 3 CME क्रेडिट पॉइंट्स दिए जाएंगे। इससे कार्यक्रम की शैक्षणिक उपयोगिता और महत्व स्पष्ट होता है।
विशेषज्ञों की टीम करेगी संचालन
कार्यक्रम का संचालन पैथोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों की टीम करेगी। इसमें विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश गौतम, प्रोफेसर डॉ. मनोज कुमार गुप्ता और अन्य सहायक प्रोफेसर शामिल हैं। टीम में डॉ. शैलजा मौर्या, डॉ. आमोद कुमार, डॉ. राजेश्वरी, डॉ. आशीष कनोजिया और डॉ. श्वेता वर्मा भी शामिल हैं।









