कांग्रेस ने अमित मालवीय और अर्नब गोस्वामी के खिलाफ FIR दर्ज कराई

  • कांग्रेस ने अमित मालवीय और अर्नब गोस्वामी पर दर्ज कराई FIR
  • तुर्किये में कांग्रेस का ऑफिस होने के दावे पर विवाद
  • BNS की धारा 192 और 352 के तहत बेंगलुरु में केस

नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय और रिपब्लिक टीवी के पत्रकार अर्नब गोस्वामी के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। आरोप है कि दोनों ने कांग्रेस के खिलाफ झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाई है, जिससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा है और देश की सुरक्षा व लोकतंत्र पर असर पड़ा है।

FIR बेंगलुरु के हाई ग्राउंड पुलिस स्टेशन में भारतीय युवा कांग्रेस के लीगल सेल प्रमुख श्रीकांत स्वरूप बीएन की शिकायत पर दर्ज हुई है। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 192 और 352 के तहत दर्ज हुआ है, जो दंगा भड़काने और जानबूझकर अपमान कर शांति भंग करने से जुड़ा है।

तुर्किये में कांग्रेस के ऑफिस का दावा

मामले की शुरुआत 17 मई को हुई, जब अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर अर्नब गोस्वामी का एक वीडियो साझा किया। वीडियो में अर्नब दावा करते दिख रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी का ऑफिस तुर्किये में रजिस्टर्ड है। मालवीय ने लिखा, “राहुल गांधी को बताना चाहिए कि ऐसा करने की जरूरत क्यों पड़ी। यह हैरान और समझ से बाहर का मामला है। देश को इसका सच जानने का हक है।”

कांग्रेस का आरोप है कि यह वीडियो एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है, जिससे जनता को गुमराह कर कांग्रेस को राष्ट्र विरोधी के रूप में पेश किया जा रहा है। शिकायत में कहा गया है कि इससे देश की सुरक्षा और लोकतंत्र को खतरा है।

तुर्किये के खिलाफ भारत में गहराया विरोध

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब भारत और तुर्किये के बीच रिश्तों में तनाव चल रहा है। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद तुर्किये ने पाकिस्तान का खुलकर समर्थन किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तुर्किये ने पाकिस्तान को हथियार, ड्रोन और प्रशिक्षित लोग मुहैया कराए।

इसके बाद भारत में ‘बॉयकॉट तुर्किये’ अभियान तेज हो गया है। देशभर के व्यापारियों और संगठनों ने तुर्की से आयात रोकने और साझेदारियां खत्म करने के कदम उठाए हैं।

तुर्किये के खिलाफ भारत के 5 बड़े कदम

  1. ट्रैवल अडवाइजरी: ईजमायट्रिप और इक्सिगो जैसे ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स ने तुर्किये और अजरबैजान की यात्रा न करने की सलाह दी।

  2. शैक्षणिक रिश्ते तोड़े: जेएनयू और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ने तुर्किये के विश्वविद्यालयों से समझौते रद्द किए।

  3. व्यापारिक प्रतिबंध: पुणे, कानपुर और जयपुर के व्यापारियों ने तुर्किये से सेब और मार्बल खरीदना बंद किया।

  4. एयरपोर्ट डील रद्द: अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स ने तुर्किये की फर्म सेलेबी के साथ ग्राउंड हैंडलिंग सर्विसेज की डील तोड़ी।

    ये भी पढ़ें-जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ FIR की मांग सुप्रीम कोर्ट से खारिज

  5. ई-कॉमर्स पर असर: मिंत्रा और Ajio ने तुर्किये के प्रोडक्ट्स को बेचना बंद कर दिया है।

भारत-तुर्किये व्यापार स्थिति

वर्तमान में भारत और तुर्किये के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 6.65 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। भारत जहां फार्मा, ऑटो पार्ट्स और टेक्सटाइल्स निर्यात करता है, वहीं तुर्किये से सोना, संगमरमर, सेब और सीमेंट का आयात किया जाता है।

विवाद के बीच तुर्किये भारत को सेब सप्लाई करने वाले सबसे बड़े देशों में शामिल है, लेकिन अब इसकी आपूर्ति पर असर पड़ने के संकेत हैं।

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