- कांग्रेस नेता नाना पटोले का दावा: हनीट्रैप में मंत्री, IAS, IPS अफसर शामिल
- सबूत वाली पेन ड्राइव मौजूद, सरकार नहीं चेती तो होगा खुलासा
- ठाणे से शुरू हुआ मामला कई बड़े शहरों में फैला
मुंबई। महाराष्ट्र में सामने आए बड़े हनीट्रैप कांड को लेकर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने गुरुवार को सनसनीखेज दावा किया कि इस कांड में राज्य सरकार के मंत्री, वरिष्ठ IAS और IPS अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अब तक इस मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं की, इसलिए विपक्ष सदन से वॉकआउट करने को मजबूर हुआ।
पटोले ने कहा, “मेरे पास पेन ड्राइव में सारे सबूत मौजूद हैं। हमने अभी तक इसे सार्वजनिक नहीं किया है क्योंकि हम किसी का व्यक्तिगत चरित्र हनन नहीं करना चाहते। लेकिन अगर सरकार ने अब भी कार्रवाई नहीं की, तो हम इसे जनता के सामने लाने को मजबूर होंगे।”
रिपोर्ट में सामने आया हनीट्रैप का जाल
इससे पहले इंडिया टुडे की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि महाराष्ट्र के कई वरिष्ठ अफसर एक महिला के हनीट्रैप में फंसकर लाखों रुपये की वसूली के शिकार बने हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ठाणे के दो सीनियर पुलिस अधिकारियों ने शिकायत दी कि एक महिला ने बलात्कार के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर उनसे 40-40 लाख रुपये की मांग की।
विधानसभा में हंगामा, स्पीकर ने मांगी रिपोर्ट
गुरुवार को नाना पटोले ने यह मुद्दा दोबारा विधानसभा में उठाया, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने सरकार को निर्देश दिया कि शुक्रवार को सत्र खत्म होने से पहले सदन को पूरी जानकारी दी जाए। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि, विपक्ष ने सरकार पर “संवेदनशील मुद्दे” में लापरवाही का आरोप लगाकर विधानसभा से वॉकआउट कर दिया।
साल 2016 से चल रहा है पूरा मामला
यह मामला 2016 में शुरू हुआ, जब ठाणे में एक महिला को क्राइम ब्रांच ने जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया था। इंडिया टुडे के अनुसार, महिला कई अफसरों पर बलात्कार के आरोप लगाकर उनसे मोटी रकम वसूलती थी और बाद में समझौता कर लेती थी।
महिला वॉट्सऐप और वीडियो कॉल से विश्वास जीतती थी, फिर गुप्त कैमरे से आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर ब्लैकमेल करती थी। कई अफसरों ने बदनामी और नौकरी जाने के डर से चुपचाप पैसे दे दिए।
कई शहरों में फैला है महिला का नेटवर्क
आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, महिला का नेटवर्क मुंबई, ठाणे, पुणे और नासिक तक फैला था। उसके जाल में महाराष्ट्र पुलिस के तीन DCP, आबकारी अधिकारी, सीनियर इंस्पेक्टर और असिस्टेंट कमिश्नर तक फंस चुके हैं।
बॉम्बे हाईकोर्ट से जमानत के बाद भी महिला ने नया नाम और पहचान बनाकर अपना रैकेट फिर से शुरू कर दिया। अधिकारी मानते हैं कि अभी और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं और जांच जारी है।








