कांग्रेस ने पीड़ित दलित परिवार को न्याय दिलाने का उठाया बीड़ा

  • कांग्रेस नेताओं का आरोप – मिशन शक्ति फ्लॉप, बेटियां सुरक्षित नहीं
  • 22 सदस्यीय जांच समिति गठित, रिपोर्ट पहुंचेगी शीर्ष नेतृत्व तक
  • प्रदेश नेतृत्व ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर एसआईटी जांच की मांग की

अम्बेडकरनगर। मालीपुर क्षेत्र के भिस्वा चितौना गांव में दलित बेटी के साथ हुई अत्यंत दुखद और अमानवीय घटना को लेकर राजनीतिक हलकों में उबाल है। मंगलवार को कांग्रेस का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल पूर्व विधायक इंदल रावत के नेतृत्व में पीड़ित परिवार से मिला और हरसंभव मदद तथा न्याय दिलाने का भरोसा जताया।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए। पूर्व विधायक इंदल रावत ने कहा कि भाजपा शासन में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है और मिशन शक्ति पूरी तरह से फ्लॉप शो बन गया है। उन्होंने स्पष्ट मांग रखी कि पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा, एक बीघा जमीन और एक सदस्य को सरकारी नौकरी अविलंब दी जाए।

फास्ट ट्रैक कोर्ट से सुनवाई और दोषियों को कठोर सजा की मांग

इंदल रावत ने कहा कि इस मामले में दोषियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से शीघ्रतम सजा दी जाए और किसी भी निर्दोष व्यक्ति का उत्पीड़न न हो। उन्होंने प्रशासन पर भरोसा न जताते हुए कहा कि अब जनता को भी प्रशासनिक वादों पर विश्वास नहीं रह गया है।

डबल इंजन सरकार पर जमकर हमला

कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार में अपराध चौगुना हो गया है और बेटियां कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जब राज्य के गृहमंत्री आधी रात में बेटियों की सड़क पर सुरक्षा का दावा कर रहे हैं, उसी समय बेटियां दिनदहाड़े अपने ही घर के पास जान और सम्मान से हाथ धो रही हैं।

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