लखनऊ। राजधानी में ठेकेदार उमा शंकर सिंह की हत्या की गुत्थी सुलझ गई है। इस सनसनीखेज हत्याकांड की मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि उनकी महिला मित्र वैशाली निकली है। पुलिस ने वैशाली, उसके प्रेमी, मां, पिता और अन्य करीबियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस के हाथ कुछ अहम सबूत लगे हैं जो इस हत्या की साजिश को उजागर करते हैं।
पार्टनरशिप के पैसों को लेकर हुआ विवाद
जांच में सामने आया है कि वैशाली के भाई ने मुर्गी पालन के कारोबार में पार्टनरशिप के नाम पर उमा शंकर से 10 लाख रुपये लिए थे। जब उमा शंकर ने पैसे वापस मांगे तो दोनों पक्षों के बीच विवाद गहराने लगा। इसी विवाद ने हत्या की साजिश का रूप ले लिया।
पत्नी का आरोप: वैशाली और प्रेमी ने मिलकर की हत्या
मृतक की पत्नी ममता ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि वैशाली के प्रेमी ने एक हफ्ते पहले उमा शंकर को जान से मारने की धमकी दी थी। ममता की तहरीर पर वैशाली, उसके प्रेमी संदीप पांडेय, पिता दिनेश, मां सुमित्रा, भाई अनुराग और सहयोगी अविनाश के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
मकान के भीतर मिला शव, महिला मित्र ने दी थी सूचना
मूल रूप से सुलतानपुर के भरखरे गांव निवासी 46 वर्षीय उमा शंकर सिंह लखनऊ के गुडंबा थाना क्षेत्र के अर्जुन एन्क्लेव में किराए पर रह रहे थे। मंगलवार सुबह वैशाली उनके घर पहुंची और दूसरी चाबी से दरवाजा खोला। अंदर बेड पर उमा शंकर का खून से लथपथ शव पड़ा था। इसके बाद वैशाली ने मकान मालिक मोहम्मद मुस्तकीम खान को सूचना दी, जिन्होंने पुलिस को खबर दी।








