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तेलंगाना हाईकोर्ट का हस्तक्षेप: हैदराबाद यूनिवर्सिटी के पास निर्माण कार्य पर अस्थायी रोक
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400 एकड़ विवादित भूमि पर पेड़ों की कटाई पर लगी रोक, अगली सुनवाई 3 अप्रैल को
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तेलंगाना इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन पर नियमों के उल्लंघन का आरोप
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HCU छात्रों और वात फाउंडेशन की याचिका पर हाईकोर्ट ने दिया अहम फैसला
हैदराबाद, 02 अप्रैल 2025: तेलंगाना उच्च न्यायालय ने हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय (HCU) के पास स्थित 400 एकड़ विवादित भूमि पर सभी निर्माण कार्य और पेड़ों की कटाई पर अस्थायी रोक लगाने का आदेश दिया है। यह फैसला वात फाउंडेशन और HCU छात्रों द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई के दौरान आया।
याचिका और अदालत का निर्देश
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि तेलंगाना इंडस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन (TGIIC) सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन कर पेड़ों को काट रहा है और भूमि को समतल कर रहा है। अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों को 3 अप्रैल तक सभी गतिविधियों पर रोक लगाने का निर्देश दिया है।
क्या है विवाद?
- यह 400 एकड़ भूमि कांचा गाचीबोवली क्षेत्र में स्थित है, जिसे पिछले वर्ष जून में सरकार ने TGIIC को आवंटित किया था।
- याचिकाकर्ताओं का दावा है कि भूमि पर पेड़ों की अंधाधुंध कटाई की जा रही है, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचेगा।
- सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन किए बिना भारी वाहनों के जरिए भूमि समतलीकरण का काम चल रहा था।
अगली सुनवाई और संभावित निर्णय
तेलंगाना उच्च न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 3 अप्रैल को निर्धारित की है। इस दौरान भूमि के पर्यावरणीय प्रभाव और कानूनी स्थिति पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। न्यायालय का अंतिम निर्णय यह तय करेगा कि इस भूमि का उपयोग कैसे किया जाएगा और क्या इस पर स्थायी रोक लगाई जाएगी।








