- नगर आयुक्त के खिलाफ पार्षदों का धरना
- पार्षद सीबी सिंह पर केस दर्ज होने से नाराजगी
- मेयर ने पुलिस से मांगा जवाब
लखनऊ। नगर निगम की कार्यप्रणाली और पार्षदों के साथ कथित उत्पीड़न को लेकर लखनऊ में शनिवार को पार्षदों ने नगर आयुक्त के खिलाफ धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगर आयुक्त न तो पार्षदों से संवाद कर रहे हैं और न ही क्षेत्रीय समस्याओं का समाधान हो रहा है। इसी बीच, राधा ग्राम में नाले में बहने से हुई मौत के मामले में स्थानीय पार्षद सीबी सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने से पार्षदों का आक्रोश और बढ़ गया।
पार्षदों ने लगाए नारे, नगर आयुक्त पर तानाशाही का आरोप
नगर निगम कार्यालय में धरना देते हुए पार्षदों ने “नगर आयुक्त हाय हाय”, “तानाशाही नहीं सहेंगे” जैसे नारे लगाए। पार्षदों ने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही से जनता परेशान है और ज़िम्मेदारी का ठीकरा पार्षदों पर फोड़ा जा रहा है। सीबी सिंह पहले से ही टूटे नाले की शिकायत कर रहे थे, फिर भी उनके खिलाफ केस क्यों?
मेयर ने मांगा जवाब, पुलिस से बातचीत
मेयर सुषमा खर्कवाल ने पुलिस कमिश्नर से फोन पर बात कर मामले की जानकारी मांगी। उन्होंने पार्षद सीबी सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने के आधार पर सवाल उठाया और शाम 5 बजे तक कार्रवाई का आश्वासन दिलाया। पुलिस अधिकारियों, मेयर और पार्षदों के बीच लंबी बैठक हुई, लेकिन नगर निगम का कोई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं रहा।
सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी, गिरफ्तारी देने की तैयारी
पार्षदों ने चेतावनी दी है कि अगर केस वापस नहीं लिया गया तो वे सामूहिक रूप से इस्तीफा देंगे। मौके पर पहुंचे ACP विकास जायसवाल और SHO से बातचीत के दौरान पार्षदों ने कहा कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो सभी पार्षद ठाकुरगंज थाने में सामूहिक गिरफ्तारी देंगे।








