- लखनऊ से देश की पहली डोर-टू-डोर रेलवे लॉजिस्टिक्स सेवा शुरू
- केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शुभारंभ किया
- सेवा का संचालन कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (कांकोर) करेगा
लखनऊ। अब व्यापारियों और आम ग्राहकों को पार्सल भेजने के लिए रेलवे स्टेशन तक जाने की जरूरत नहीं होगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लखनऊ मंडल के सोनिक गुड्स शेड से देश की पहली डोर-टू-डोर लॉजिस्टिक्स सेवा का शुभारंभ किया। इस सेवा का संचालन कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (कांकोर) द्वारा किया जाएगा, जो पार्सल की दरें भी तय करेगा।
रेलवे परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग
उत्तर रेलवे के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कुलदीप तिवारी ने बताया कि यह परियोजना रेलवे की परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग और माल ढुलाई की दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इससे व्यापारियों और उद्योगों को समयबद्ध, सुरक्षित और किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। प्रारंभिक तौर पर यह सेवा दो वर्षों के लिए स्वीकृत है, जिसे जरूरत के अनुसार बढ़ाया जा सकता है।
सोनिक गुड्स शेड होगा आधुनिक लॉजिस्टिक्स हब
कुलदीप तिवारी ने बताया कि सोनिक गुड्स शेड कैटेगरी-1 का है, जहां हर महीने लगभग 13 रेक से खाद्यान्न, उर्वरक और सीमेंट की ढुलाई होती है। यहां करीब 80 कोच का पिसमील लोडिंग संभाला जाता है। कांकोर को शेड के संपूर्ण प्रबंधन, सफाई, रखरखाव, कानूनी और पर्यावरणीय मानकों की जिम्मेदारी दी गई है। वह गोदाम और कंटेनर स्टोरेज जैसी सुविधाओं का विकास भी करेगा।
मजदूरों और व्यापारियों के लिए सुविधाएं
रेलवे की भूमि पर विकसित की जाने वाली सभी परिसंपत्तियां रेलवे की ही संपत्ति रहेंगी। मजदूरों और व्यापारियों के लिए सार्वजनिक उपयोग की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। ग्राहक केवल ऑनलाइन या स्टेशन पर पार्सल बुकिंग करेंगे, जिसके बाद रेलवे कर्मचारी घर या गोदाम से पार्सल लेकर सीधे गंतव्य तक पहुंचाएंगे।








