
अंबेडकर नगर में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में वित्तीय वर्ष 2025-26 की तृतीय तिमाही (दिसंबर 2025) की डीसीसी एवं डीएलआरसी बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने की। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि और वित्तीय संस्थानों के पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक में जिले की बैंकिंग प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान सीडी रेशियो 53.38 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो पिछली तिमाही की तुलना में 5.2 प्रतिशत अधिक है। इस सुधार पर संतोष जताते हुए जिलाधिकारी ने बैंकों को सरकारी योजनाओं के तहत लंबित मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटाने के निर्देश दिए।
सरकारी योजनाओं पर जोर
जिलाधिकारी ने सीएम युवा, एसएचजी, एमवाईएसवाई और नंदिनी जैसी योजनाओं के अंतर्गत भेजे गए आवेदनों के शीघ्र निस्तारण पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाभार्थियों को समय पर ऋण उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
स्वयं सहायता समूहों के खातों के संचालन और सीसीएल के तहत ऋण वितरण में तेजी लाने के भी निर्देश दिए गए। लंबित आवेदनों को जल्द निपटाने के लिए बैंक स्तर पर विशेष प्रयास करने को कहा गया।
स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने की पहल
बैठक में जिले में आयात होने वाली वस्तुओं की सूची तैयार करने पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि ऐसी वस्तुओं की स्थानीय स्तर पर उत्पादन इकाइयां स्थापित करने के प्रयास किए जाएं। इससे रोजगार और ऋण प्रवाह दोनों में वृद्धि की संभावना जताई गई।
किसानों और साइबर सुरक्षा पर फोकस
फसल बीमा योजना के तहत दावों की प्रक्रिया को सरल बनाने पर जोर दिया गया, ताकि अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें। इसके साथ ही बढ़ते साइबर फ्रॉड के मामलों को देखते हुए सभी विकास खंडों में वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए।








