- भिटौरा गांव में चर्चित मनकूराम हत्या कांड में कोर्ट का फैसला
- अनीता को उम्रकैद और 12 हजार रुपये जुर्माने की सजा
- पति दुर्गेश गौर को 3 साल की जेल, 2 हजार रुपये जुर्माना
अंबेडकरनगर। बसखारी क्षेत्र के भिटौरा गांव में अवैध संबंधों से जुड़े चर्चित मनकूराम हत्या कांड में विशेष न्यायालय ने बुधवार को फैसला सुनाया। अदालत ने महिला अभियुक्त अनीता को हत्या और साजिश रचने का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं 12 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी, जबकि उसके पति दुर्गेश गौर को तीन वर्ष का साधारण कारावास और 2 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
**रामलीला से लौटे नहीं, तीन दिन बाद खेत में मिला शव**
ग्राम भिटौरा उत्तर निवासी करोरा देवी ने 21 अक्तूबर की रात पति मनकूराम के लापता होने की सूचना दी थी। उनका कहना था कि वह रामलीला देखने गए थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। तीन दिन बाद 24 अक्तूबर को मनकूराम का शव गांव के ही दुर्गेश गौर के घर के पीछे खेत में मिला।
**अवैध संबंध और नशे के अड्डे का खुलासा**
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मनकूराम का दुर्गेश गौर के घर आना-जाना था, जहां वह गांजा का सेवन करते थे। जांच में पता चला कि दुर्गेश की पत्नी अनीता के साथ मनकूराम के अवैध संबंध थे, जिसे लेकर विवाद बढ़ा। इसी रंजिश में हत्या की साजिश रची गई।
**तीन अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र**
मामले की विवेचना में अनीता और दुर्गेश गौर के साथ बबलू पंडित उर्फ हेमंत कुमार का नाम भी सामने आया। पुलिस ने तीनों के खिलाफ हत्या, साक्ष्य छिपाने और एससी-एसटी एक्ट के तहत आरोप पत्र विशेष न्यायालय में दाखिल किया।








