राष्ट्रीय हिंदू रक्षा परिषद के मुकेश दुबे और बाबा महादेव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग शामिल
हिंदू देवी-देवताओं के अपमान और मुर्शिदाबाद में बाबरी नाम से मस्जिद निर्माण के खिलाफ प्रदर्शन
सोशल मीडिया पर सनातन धर्म व त्योहारों पर अभद्र टिप्पणियों को लेकर नाराज़गी
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में रविवार को राष्ट्रीय हिंदू रक्षा परिषद ने हिंदू देवी-देवताओं के अपमान और मुर्शिदाबाद में ‘बाबरी’ नाम से कथित मस्जिद निर्माण के विरोध में बड़ा विरोध मार्च निकाला। यह यात्रा केडी सिंह बाबू स्टेडियम से जीपीओ तक निकाली गई, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश दुबे और महामंडलेश्वर बाबा महादेव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग भगवा झंडा, तिरंगा और त्रिशूल लेकर शामिल हुए।
धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने पर नाराज़गी
प्रदर्शन के दौरान मुकेश दुबे ने कहा कि सोशल मीडिया पर देवी-देवताओं, तीज-त्योहारों और सनातन संस्कृति पर लगातार अभद्र टिप्पणियाँ की जा रही हैं, जिससे समाज में रोष है। उन्होंने मांग की कि ऐसी टिप्पणियाँ करने वालों पर रासुका के तहत कार्रवाई की जाए और प्रशासन शिकायतों पर स्वयं संज्ञान लेकर कठोर कदम उठाए।
बाबरी नाम से मस्जिद निर्माण का विरोध
यात्रा का मुख्य केंद्र पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में ‘बाबरी मस्जिद’ नाम से हो रहे कथित निर्माण कार्य का विरोध रहा।
बाबा महादेव ने कहा—
“बाबर के नाम पर भारत में कोई भी मस्जिद नहीं बनेगी। मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद का निर्माण हम किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे।”
उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर धार्मिक उकसावे का माहौल बनाया जा रहा है। परिषद ने कहा कि मुस्लिम समाज चाहे तो विश्व की सबसे बड़ी मस्जिद बनाए, वे मदद करेंगे, लेकिन ‘बाबरी’ नाम स्वीकार नहीं।
लखनऊ का नाम बदलकर ‘लखनपुर’ करने की मांग
प्रदर्शन के दौरान परिषद ने लखनऊ का नाम बदलकर ‘लखनपुर’ किए जाने की मांग भी दोहराई। मुकेश दुबे ने कहा कि यह मांग वर्षों से लंबित है और सरकार को इस पर निर्णय लेना चाहिए।
उन्होंने देवी-देवताओं के नाम से बेचे जा रहे खाद्य पदार्थों पर प्रतिबंध लगाने की भी अपील की।
केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की अपील
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मुर्शिदाबाद में जो निर्माण हो रहा है, वह सांप्रदायिक तनाव फैलाने की साजिश है। परिषद ने केंद्र सरकार से मांग की कि इस निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगवाई जाए और संबंधित लोगों की सदस्यता निलंबित की जाए।








