जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जलालपुर की समस्याओं के समाधान की मांग

  • नगर पालिका के कर्मचारियों की अनुशासनहीनता और अपमानजनक टिप्पणी पर उठे सवाल
  • वार्ड 25 में उपेक्षित सार्वजनिक सुविधा की मरम्मत की अपील
  • जिलाधिकारी से पारदर्शिता, संवेदनशीलता और कर्मचारियों के व्यवहार में सुधार की मांग

अम्बेडकरनगर।  जलालपुर में हनुमान मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम में जिलाधिकारी अविनाश सिंह को आमंत्रित किया गया, जहां पूर्व नगर अध्यक्ष एवं सभासद प्रतिनिधि देवेश मिश्र ने नगर की गंभीर समस्याओं से अवगत कराते हुए एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में उन्होंने नगर के विभिन्न मुद्दों पर तत्काल ध्यान देने की अपील की। देवेश मिश्र ने बताया कि नगर के वार्ड संख्या 13 में हाल ही में हुए सर्वेक्षण और फोटोशूट के बाद नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा वहां से डस्टबिन हटा लिए गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों को कूड़ा निस्तारण में बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

ज्ञापन में देवेश मिश्र ने बताया कि जब इस विषय पर नगर पालिका परिषद जलालपुर में शिकायत की गई, तो वहां उपस्थित एक महिला कर्मचारी ने पत्रकारों के सामने बेहद अमर्यादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “इसीलिए डस्टबिन नहीं रखा जाता,” और नागरिकों को “उत्पत्ति” तक कह डाला। यह बयान न केवल नगरवासियों की गरिमा का उल्लंघन था, बल्कि नगर पालिका कर्मचारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाता है। इस पर जब पत्रकारों ने इस बयान का वीडियो प्रसारित किया, तो महिला कर्मचारी ने धमकी दी कि “तुम्हारे खिलाफ एफआईआर करवा दूंगी।”

इस घटना से आहत देवेश मिश्र ने जिलाधिकारी से मांग की कि नगर प्रशासन की ओर से कर्मचारियों की भाषा और व्यवहार में सुधार लाने के साथ-साथ पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, नगर के विभिन्न वार्डों में जनसुविधाओं के संरक्षण और कर्मचारियों के संवेदनशील व्यवहार के लिए कदम उठाए जाएं।

इसी कार्यक्रम में वार्ड संख्या 25 की सभासद रुक्मणी मिश्रा ने भी जिलाधिकारी से मिलकर अपने क्षेत्र की पुरानी और उपेक्षित समस्याओं को उजागर किया। उन्होंने बताया कि लगभग 25 वर्ष पहले नेडा द्वारा स्थापित एक सार्वजनिक सुविधा पिछले 10 वर्षों से निष्क्रिय पड़ी है। इस उपेक्षित सुविधा की सफाई व्यवस्था भी बेहद खराब हो चुकी है। रुक्मणी मिश्रा ने जिलाधिकारी से इस सार्वजनिक सुविधा की मरम्मत और संचालन को सुनिश्चित करने की मांग की ताकि वार्डवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

देवेश मिश्र ने इस ज्ञापन में नगर प्रशासन से यह भी अनुरोध किया कि नागरिकों से संवाद करते वक्त कर्मचारियों की भाषा की मर्यादा का पालन किया जाए और नगर में जनसुविधाओं के संरक्षण के साथ-साथ उनके कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जिलाधिकारी से यह भी कहा कि नगर प्रशासन को नगरवासियों के प्रति संवेदनशील और उत्तरदायी बनना चाहिए, ताकि हर व्यक्ति को बिना किसी परेशानी के मूलभूत सेवाएं मिल सकें।

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