TET की अनिवार्यता खत्म करने की मांग तेज़

  • महिला शिक्षकों की भी रही बड़ी भागीदारी
  • शिक्षक संगठनों ने किया आंदोलन का समर्थन
  • प्रदर्शन में अनुशासन के साथ नारेबाजी

अंबेडकरनगर। TET की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को लेकर जनपद के परिषदीय शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन अब सड़क पर उतर आया है। सोमवार को जिलेभर से जुटे शिक्षकों ने ब्लॉक स्तर से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला और नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

पैदल मार्च में शामिल शिक्षकों का कहना था कि नियुक्ति से पूर्व योग्यतानुसार समस्त परीक्षाएं उत्तीर्ण कर चुके हैं। वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों पर दोबारा TET की बाध्यता थोपना अनुचित है। शिक्षकों ने इसे न केवल गैरजरूरी बताया, बल्कि इसे शिक्षा व्यवस्था में भ्रम उत्पन्न करने वाला कदम करार दिया।

शिक्षकों की बड़ी संख्या में रही भागीदारी

अंबेडकर नगर जिले के विभिन्न ब्लॉकों से पहुंचे सैकड़ों शिक्षकों ने जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर तक मार्च किया। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए शिक्षकों ने सरकार के फैसले के खिलाफ नारेबाजी की।
मार्च में पुरुषों के साथ बड़ी संख्या में महिला शिक्षक भी शामिल रहीं। सभी की एक ही मांग थी— TET की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए और पहले से सेवा में कार्यरत शिक्षकों को इससे मुक्त रखा जाए।

ज्ञापन सौंप प्रशासन से की मांग

कलेक्ट्रेट पहुंचकर शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि शिक्षकों ने नियमानुसार सभी प्रक्रियाएं पूर्ण कर सेवा ग्रहण की है। ऐसे में उनके लिए TET दोहराना न केवल अनावश्यक है बल्कि यह मानसिक दबाव भी उत्पन्न करता है।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि वर्तमान सेवा में कार्यरत शिक्षकों को TET से छूट दी जाए और उनके अनुभव व योग्यता को ही मान्यता दी जाए।

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