- डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के विरोध में अमेरिका में व्यापक प्रदर्शन
- ‘गुड ट्रबल लिव्स ऑन’ के तहत शांतिपूर्ण विरोध
- शिकागो रहा मुख्य केंद्र, हुई कैंडल मार्च
वाशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विवादास्पद नीतियों के खिलाफ गुरुवार को पूरे देश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। अप्रवासियों की डिपोर्टेशन नीति और गरीबों के लिए मेडिकेड में कटौती जैसे फैसलों के विरोध में 1600 से ज्यादा जगहों पर एक साथ रैलियां निकाली गईं। इन प्रदर्शनों को ‘गुड ट्रबल लिव्स ऑन – नेशनल डे ऑफ एक्शन’ नाम दिया गया, जिसे दिवंगत मानवाधिकार नेता और सांसद जॉन लुइस को समर्पित किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी। आयोजकों ने लोगों से अपील की कि विरोध के दौरान अनुशासन बनाए रखें। शिकागो विरोध प्रदर्शनों का केंद्र रहा, जहां हजारों प्रदर्शनकारियों ने डाउनटाउन में इकट्ठा होकर कैंडल मार्च निकाला।
प्रदर्शन के पीछे क्या है कारण
पब्लिक सिटिजन ग्रुप की को-प्रेसिडेंट लिसा गिल्बर्ट ने बताया कि देश में लोकतंत्र पर संकट गहराता जा रहा है। उन्होंने कहा, “हम अमेरिका के सबसे डरावने दौर से गुजर रहे हैं। सरकार में बढ़ते तानाशाही रवैये से संविधान और नागरिक अधिकारों पर खतरा मंडरा रहा है।”
मुख्य शहरों में भी हुए विरोध
इन प्रदर्शनों की योजना अटलांटा, सेंट लुइस, ओकलैंड (कैलिफोर्निया), एनापोलिस (मैरीलैंड) जैसे बड़े शहरों में पहले से ही बनाई गई थी। लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर ट्रंप सरकार की नीतियों की आलोचना की और ह्यूमन राइट्स के पक्ष में आवाज़ बुलंद की।








