- रोहित शर्मा का टेस्ट करियर, एक शानदार अध्याय का समापन
- क्यों रोहित ने लिया टेस्ट क्रिकेट से संन्यास? जानें उनकी वजहें
- 2010 में क्यों रोहित का टेस्ट डेब्यू नहीं हो पाया? एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने बुधवार (7 मई) को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक इमोशनल पोस्ट लिखकर इसकी जानकारी दी। हालांकि, वह वनडे और T20I फॉर्मेट में खेलते रहेंगे।
कप्तानी से हटाने की खबरों के बीच संन्यास
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि BCCI रोहित को टेस्ट कप्तानी से हटाने पर विचार कर रही है। इसके कुछ ही घंटों बाद उन्होंने स्वयं ही रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया। उन्होंने लिखा, “टेस्ट क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए गर्व की बात रही। मैंने इस फॉर्मेट को पूरी दिल से खेला, लेकिन अब आगे बढ़ने का समय आ गया है।”
रेड-बॉल करियर का सफर: शानदार शुरुआत, लेकिन विदेशों में संघर्ष
- 2013 में डेब्यू: वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता टेस्ट में पहले ही मैच में शतक जड़ा।
- 2019 में ओपनर बने: मुरली विजय के फॉर्म में गिरावट के बाद रोहित को ओपनिंग का मौका मिला। साउथ अफ्रीका के खिलाफ घर पर दो शतक और एक डबल सेंचुरी लगाई।
- 2021 में इंग्लैंड में धमाका: विदेशी पिच पर 127 रन की पारी खेलकर भारत को जीत दिलाई।
- 2022 में कप्तानी मिली: विराट कोहली के बाद टेस्ट टीम की कमान संभाली।
कप्तानी में उतार-चढ़ाव
- घरेलू सीरीज में धांधली: इंग्लैंड (4-1), ऑस्ट्रेलिया (2-1) और श्रीलंका (2-0) को हराया।
- WTC फाइनल मिस: 2023-25 साइकिल में न्यूजीलैंड (0-3) और ऑस्ट्रेलिया (1-3) से हार के बाद टीम फाइनल में नहीं पहुंच सकी।
- घर में पहली बार व्हाइटवॉश: न्यूजीलैंड ने भारत को 36 साल बाद घर में सीरीज हराई और 3-0 से क्लीन स्वीप किया।
आंकड़ों में रोहित का टेस्ट करियर
- मैच: 67
- रन: 4,301
- औसत: 38.73
- शतक: 12 (1 डबल सेंचुरी)
- छक्के: 88 (भारत में दूसरे नंबर पर)
अब क्या? वनडे वर्ल्ड कप 2027 का लक्ष्य
रोहित ने पहले ही T20I से संन्यास ले लिया है, लेकिन वह 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक खेलना चाहते हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने हाल ही में चैंपियंस ट्रॉफी जीती है और वह 2023 वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंचे थे।








