VIP इंडस्ट्रीज से विदाई की तैयारी में दिलीप पिरामल

  • VIP इंडस्ट्रीज के चेयरमैन दिलीप पिरामल ने बेची 32% हिस्सेदारी
  • मल्टीपल्स प्राइवेट इक्विटी को 1,763 करोड़ में डील
  • अगली पीढ़ी की बिजनेस में रुचि नहीं होने से लिया फैसला

मुंबई। भारत की सबसे बड़ी लगेज कंपनी VIP इंडस्ट्रीज के चेयरमैन दिलीप पिरामल ने कंपनी में अपनी 32% हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। यह सौदा करीब 1,763 करोड़ रुपए में प्राइवेट इक्विटी फर्म मल्टीपल्स, आकाश भंसाली और कैरटलेन के फाउंडर मिथुन सचेटी को किया जाएगा। इस कदम के पीछे पिरामल परिवार की अगली पीढ़ी की बिजनेस में रुचि की कमी को वजह बताया गया है।

53 साल की विरासत, लेकिन अब रुख विदाई की ओर

दिलीप पिरामल ने 1971 में VIP इंडस्ट्रीज की शुरुआत की थी। उन्होंने 53 वर्षों तक कंपनी को लीड किया, लेकिन अब उनकी बेटियां—राधिका, अपर्णा और प्रियदर्शनी—बिजनेस को आगे नहीं बढ़ाना चाहतीं। NDTV से बातचीत में उन्होंने कहा, “अगली पीढ़ी बिजनेस में दिलचस्पी नहीं रखती।

गिरती हिस्सेदारी और बढ़ता घाटा

कभी 50% से ज्यादा मार्केट शेयर रखने वाली VIP इंडस्ट्रीज अब सिर्फ 38% पर सिमट गई है। पिछले एक साल की चारों तिमाहियों में कंपनी को घाटा झेलना पड़ा। VIP की मार्केट वैल्यू घटकर 6,830 करोड़ रुपए रह गई है।

मल्टीपल्स ने लॉन्च किया ओपन ऑफर

डील के तहत शेयरों की कीमत 388 रुपए प्रति शेयर रखी गई है, जो 11 जुलाई की क्लोजिंग प्राइस से 15% कम है। सौदे के बाद पिरामल परिवार की हिस्सेदारी 51.73% से घटकर 19.73% रह जाएगी। मल्टीपल्स ने 1,438 करोड़ रुपए का ओपन ऑफर भी लॉन्च किया है, जिससे वे अतिरिक्त 26% हिस्सेदारी खरीद सकते हैं

कंपनी का भविष्य और उम्मीदें

VIP इंडस्ट्रीज भारत में एरिस्टोक्रेट, स्काईबैग्स, कार्लटन और कैप्रेस जैसे ब्रांड्स की मालिक है। कंपनी के प्रोडक्ट्स 45 देशों में बिकते हैं। पिरामल ने उम्मीद जताई कि नया मैनेजमेंट कंपनी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

बोर्ड से हटेंगे दिलीप पिरामल

पिरामल अब कंपनी के बोर्ड से हट जाएंगे, लेकिन परिवार का एक सदस्य बोर्ड में बना रहेगा। वे करीब 20% हिस्सेदारी बनाए रखेंगे और कंपनी में शेयरहोल्डर के रूप में बने रहेंगे।

मल्टीपल्स का भरोसा

मल्टीपल्स की मैनेजिंग डायरेक्टर रेणुका रामनाथ ने कहा, “VIP इंडस्ट्रीज की विरासत मजबूत है। हम इसे और आगे ले जाने को प्रतिबद्ध हैं।

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