- जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में हुई कार्यशाला
- PAI 1.0 की समीक्षा और PAI 2.0 के संकेतकों पर हुआ प्रशिक्षण
- ग्राम पंचायतों के प्रदर्शन को रैंकिंग और मूल्यांकन से जोड़ने की योजना
अम्बेडकरनगर। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) के तहत “पंचायत एडवॉसमेन्ट इंडेक्स (PAI)” के प्रसार एवं क्रियान्वयन पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य PAI संस्करण 1.0 की अब तक की प्रगति की समीक्षा तथा PAI 2.0 के नए संकेतकों, मूल्यांकन प्रक्रिया, तकनीकी प्लेटफ़ॉर्म, डेटा संग्रह प्रणाली और रैंकिंग तंत्र पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान करना रहा। इस दौरान तकनीकी सत्रों में अधिकारियों ने प्रश्न पूछे एवं अनुभव साझा किए।
डीएम बोले— प्रतियोगिता से आएगा सुधार
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि PAI के माध्यम से पंचायतों के कार्यों की माप, विश्लेषण व निगरानी पारदर्शी और मानकीकृत ढंग से की जा सकेगी। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता आएगी और ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्राम प्रधानों, वार्ड सदस्यों और सचिवों को सम्मानित करने की भी बात कही।
प्रधानमंत्री के विजन 2047 को बताया मार्गदर्शक
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विभागों से समन्वय और समर्पण के साथ कार्य करते हुए पंचायतों की क्षमता वृद्धि पर बल दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत 2047’ विजन को दोहराते हुए कहा कि गांव के विकास के बिना देश का समग्र विकास संभव नहीं।
तकनीकी प्रशिक्षण और पोर्टल पर कार्य
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को PAI पोर्टल पर कार्य करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे भविष्य में मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक सटीक हो सके। अधिकारियों ने पोर्टल पर कार्य के साथ-साथ संकेतकों के अनुपालन के सुझाव भी साझा किए।








