- डीएम जितेन्द्र प्रताप सिंह ने टीबी मरीजों को दी पोषण पोटली
- निक्षय पोषण योजना के तहत मरीजों को दी गई आर्थिक सहायता
- समाज की भागीदारी से ही संभव है टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य
कानपुर। कानपुर के जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में स्वयं द्वारा गोद लिए गए 11 क्षय (टीबी) रोगियों को पोषण पोटली प्रदान की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया है, जिसे जन सहभागिता और जागरूकता के माध्यम से ही पूरा किया जा सकता है।
टीबी लाइलाज नहीं, समय पर इलाज से हो सकता है ठीक
डीएम ने बताया कि टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है। अगर मरीज समय पर और नियमित रूप से दवा ले तथा पौष्टिक आहार ले, तो वह जल्दी ठीक हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि समाज की जिम्मेदारी है।
हर वर्ग की भागीदारी जरूरी
जिलाधिकारी ने कहा, “इस अभियान में प्रत्येक वर्ग की भागीदारी जरूरी है। निजी चिकित्सा संस्थान, उद्योग, स्वयंसेवी संगठन और आम नागरिक यदि आगे आएं, तो टीबी मरीजों को बेहतर सहायता दी जा सकती है। जितने ज्यादा लोग मरीजों को गोद लेंगे, उतनी जल्दी देश टीबी मुक्त होगा।”
छह महीने तक निजी खर्च से देंगे पोषण पोटली
डीएम ने यह भी घोषणा की कि वे आगामी छह माह तक निजी खर्च से इन 11 मरीजों को पोषण पोटली देंगे। पोटली में चना, दाल, गुड़, तेल, चिउड़ा और ड्रायफ्रूट्स जैसी सामग्री शामिल है, जो इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक होगी।
14,546 मरीजों को ट्रांसफर हुई सहायता राशि
कार्यक्रम में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुबोध प्रकाश ने बताया कि निक्षय पोषण योजना के तहत जिले के 14,546 टीबी मरीजों को दो माह की सहायता राशि के रूप में 2.33 करोड़ रुपये सीधे उनके खातों में भेजे गए हैं। हर मरीज को छह महीने तक ₹1000 प्रतिमाह की आर्थिक सहायता मिलती है।
हेल्पलाइन से मिल सकती है जानकारी
कार्यक्रम में मौजूद एनटीईपी (National TB Elimination Program) टीम ने बताया कि 1800-11-6666 पर कॉल कर टीबी से जुड़ी जानकारी और सहायता ली जा सकती है।







