- राष्ट्रभक्ति और संगीत का संगम बना कार्यशाला का मंच
- ‘ठुमरी’ के सुरों में बहा विद्यार्थियों का समर्पण
- स्वर-साधना के माध्यम से आत्म-अनुशासन की शिक्षा
अम्बेडकरनगर। जिला मुख्यालय स्थित बीएनकेबी पीजी कॉलेज में संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश, भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय और संत गोबिंद साहब कल्चरल क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 15 दिवसीय सुगम संगीत कार्यशाला के तीसरे दिन उपशास्त्रीय संगीत की धुनों ने माहौल को संगीतमय बना दिया। इस दौरान प्रतिभागियों को स्वर के भेद और ठुमरी गायन की बारीकियां सिखाई गईं।
प्राचार्य प्रो. शुचिता पाण्डेय ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि संगीत सिर्फ एक कला नहीं, बल्कि आत्म-अनुशासन और देशभक्ति की अभिव्यक्ति का माध्यम भी है। उन्होंने कार्यशाला की सफलता के लिए प्रतिभागियों के सहयोग की सराहना की।
इस मौके पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत देश के वीर सैनिकों को समर्पित देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी गई। ‘हम सब एक हैं’ की भावना के साथ गाए गए गीतों ने सभी में देशप्रेम का जोश भर दिया।
कार्यशाला संयोजक वागीश शुक्ल ने बताया कि उपशास्त्रीय संगीत की शिक्षा प्रशिक्षक सचिन गिरि दे रहे हैं। समन्वयक उपमा पाण्डेय के निर्देशन में प्रतिभागियों ने ठुमरी जैसे ‘याद पिया की आए’ और ‘का करूं सजनी आये न बालम’ जैसे गीतों का अभ्यास किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय शिक्षक संघ अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष अतुल मिश्र, डॉ. कमल त्रिपाठी, विनय यादव और डॉ. शशांक मिश्र सहित कई शिक्षक मौजूद रहे।








