- मुरादाबाद अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं में गंभीर खामियां
- नवजात बच्ची की मौत के बावजूद वेंटीलेटर पर रखा गया
- ऑपरेशन में मरीज की लाश छोड़कर भागे डॉक्टर
मुरादाबाद। शहर के अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की खामियों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। आए दिन मरीजों की मौत, डॉक्टरों की लापरवाही और प्रशासन की निष्क्रियता के मामले सामने आ रहे हैं।
नवजात की मौत के बावजूद वेंटीलेटर पर रखा गया:
नवाबपुरा निवासी मनी निषाद ने अपनी पत्नी जितेंद्री को डिलीवरी के लिए करुला स्थित M.M हेल्थकेयर में भर्ती कराया था। डिलीवरी के दौरान नवजात बच्ची की मौत हो गई, लेकिन अस्पताल ने परिजनों को यह जानकारी नहीं दी। 10-12 घंटे तक नवजात दिखाई नहीं दी तो परिजन हंगामा करने लगे। अस्पताल ने बच्ची को GLEE हॉस्पिटल में एडमिट करने का झूठा दावा किया और वेंटीलेटर पर रखने का पैसा वसूल किया। बाद में पता चला कि बच्ची की मौत डिलीवरी के समय ही हो चुकी थी।
ऑपरेशन में मरीज की लाश छोड़कर भागे डॉक्टर:
गलशहीद इलाके के प्रिंस रोड स्थित “डिवाइन हॉस्पिटल” में चार महीने पहले राम रतन सिंह (48) का ऑपरेशन के दौरान निधन हुआ। परिजनों ने बताया कि टांग में मामूली फ्रैक्चर के लिए भर्ती किया गया था। ऑपरेशन के लिए ले जाते ही डॉक्टर बाहर चले गए और अंदर मरीज की लाश पड़ी मिली। परिजनों का आरोप है कि नशे की ओवरडोज के कारण उनकी मौत हुई, लेकिन डॉक्टर जिम्मेदारी लेने से बच गए।
स्थानीय लोगों और परिजनों का कहना है कि लगातार स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की निष्क्रियता के कारण मरीजों और उनके परिवारों को भारी परेशानी और मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है।








