
पश्चिम बंगाल : तमिलनाडु की सभी सीटों और पश्चिम बंगाल के पहले चरण के लिए चल रहा जोरदार चुनाव प्रचार अब थम चुका है। पिछले कई हफ्तों से जारी रैलियां, रोड शो और तीखी राजनीतिक बयानबाजी पर विराम लग गया है। Election Commission of India के नियमों के अनुसार मतदान से 48 घंटे पहले प्रचार पर पूरी तरह रोक लगा दी जाती है, ताकि मतदाता बिना किसी दबाव के अपने फैसले ले सकें।
प्रचार खत्म होने से पहले पश्चिम बंगाल में सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया था। भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में अपनी पूरी ताकत झोंक दी और सत्ता हासिल करने के लिए आक्रामक अभियान चलाया। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah का सालबोनी दौरा बेहद अहम रहा। उन्होंने रैली को संबोधित करते हुए Mamata Banerjee सरकार पर तीखा हमला बोला और भाजपा के पक्ष में समर्थन मांगा।
अपने भाषण में अमित शाह ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए भावनात्मक मुद्दों को उठाया। साथ ही उन्होंने कथित तौर पर बाबरी मस्जिद से जुड़े बयान पर विपक्ष को घेरा और कहा कि बंगाल में ऐसा कोई प्रयास नहीं होने दिया जाएगा। यह बयान चुनावी माहौल को और अधिक संवेदनशील बना गया।
अमित शाह ने जनता के लिए कई बड़े वादे भी किए। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर सातवें वेतन आयोग का लाभ समय पर दिया जाएगा और 45 दिनों के भीतर बकाया डीए जारी किया जाएगा। युवाओं के लिए 10 लाख रुपये तक का लोन, पांच लाख तक का मुफ्त इलाज और जरूरतमंद वर्गों को हर महीने आर्थिक सहायता देने का वादा भी किया गया।









