नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष के वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और वोट चोरी के आरोपों पर गुरुवार को चुनाव आयोग ने कड़ा जवाब दिया। आयोग ने कहा कि ‘वोट चोरी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर झूठी कहानी गढ़ना करोड़ों मतदाताओं पर सीधा हमला है। साथ ही यह लाखों चुनावकर्मियों की ईमानदारी पर भी चोट है।
चुनाव आयोग की सफाई: कानून 1951 से लागू
चुनाव आयोग ने कहा कि भारत में ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ का कानून 1951-52 से ही लागू है। यदि किसी के पास प्रमाण है कि किसी व्यक्ति ने दो बार मतदान किया है, तो उसे बिना सबूत पूरे देश के मतदाताओं को ‘चोर’ कहने के बजाय, शपथ-पत्र के साथ आयोग को प्रमाण देना चाहिए।
राहुल गांधी का आरोप: गड़बड़ी सिस्टमेटिक तरीके से हो रही है
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 12 अगस्त को कहा था कि कई सीटों पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की जा रही है और यह नेशनल लेवल पर सुनियोजित ढंग से हो रहा है। बिहार की वोटर लिस्ट में 124 साल की ‘फर्स्ट टाइम’ वोटर मिंता देवी का नाम आने पर उन्होंने कहा- ऐसे केस अनलिमिटेड हैं, पिक्चर अभी बाकी है।
महादेवपुरा सीट पर भी लगाया आरोप
इससे पहले राहुल गांधी ने 7 अगस्त को आरोप लगाया था कि कर्नाटक की महादेवपुरा विधानसभा सीट पर 1 लाख से ज्यादा वोट चोरी हुए हैं और एक महिला ने दो बार वोट डाला। इसके बाद 10 अगस्त को चुनाव आयोग ने राहुल से इन दावों के सबूत मांगे। आयोग ने कहा कि राहुल के प्रस्तुत दस्तावेज और स्क्रीनशॉट आयोग के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते।








