- गोवंश की मौत पर आंदोलन की चेतावनी
- महिला किसानों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस
- छोटे किसानों को टारगेट करने का आरोप
लखनऊ। अवैध डेयरियों पर कार्रवाई न होने और मवेशियों को जबरन हटाए जाने के विरोध में शनिवार को करीब 200 किसान लखनऊ नगर निगम मुख्यालय पहुंच गए। चूल्हा-लकड़ी, बर्तन और राशन के साथ पहुंचे किसानों ने ऐलान किया कि अब वे यहीं रहेंगे और खाना भी यहीं बनाएंगे।
किसानों का आरोप है कि नगर निगम अवैध डेयरियों को पहले से कार्रवाई की सूचना दे देता है, जबकि गांव के किसानों के मवेशियों को अचानक हटाया जा रहा है। उनका यह भी कहना है कि हाल ही में नगर निगम कर्मियों की कार्रवाई में एक गोवंश की मौत हो गई। इस मुद्दे पर किसान संगठन ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
अधिकारियों से तीखी बहस
मुख्यालय पर पहुंचे किसानों ने लाउडस्पीकर लगाकर नारेबाजी की। इस दौरान महिला किसानों और अधिकारियों के बीच जमकर बहस हुई। किसानों का कहना है कि नगर निगम के अधिकारियों की मनमानी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भाकियू टिकैत ने दी चेतावनी
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिला अध्यक्ष आलोक वर्मा ने आरोप लगाया कि काकोरी के बरावन कला गांव (लालजी टंडन वार्ड, जोन-6) में नगर निगम की टीम की पिटाई से एक गोवंश की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि नगर निगम अवैध डेयरियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है, बल्कि किसानों को टारगेट किया जा रहा है।
महिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को घेरा
किसान यूनियन की महिला जिलाध्यक्ष उर्मिला मौर्या ने कहा कि सीएम ऑफिस, मंत्री और विधायक तक के यहां कई मवेशी पाले गए हैं, लेकिन नगर निगम सिर्फ छोटे किसानों पर कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हालात नहीं बदले तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।








