- FATF ने पहलगाम आतंकी हमले की आधिकारिक निंदा की
- पाकिस्तान पर टेरर फंडिंग का आरोप, दोबारा ग्रे लिस्ट में जा सकता है
- भारत बना रहा FATF के लिए पुख्ता दस्तावेज
नई दिल्ली। आतंकी फंडिंग पर नजर रखने वाली वैश्विक संस्था FATF (फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स) ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है। FATF ने कहा है कि यह हमला बिना किसी संगठित समर्थन और फंडिंग के संभव नहीं था। यह बयान 55 दिन बाद आया है, लेकिन इसके रणनीतिक मायने बेहद गंभीर हैं।
FATF ने कहा कि “आतंकी हमले निर्दोष लोगों की जान लेते हैं, डर फैलाते हैं और वैश्विक स्थिरता को खतरे में डालते हैं।” विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह बयान पाकिस्तान पर अप्रत्यक्ष दबाव बनाने की एक बड़ी रणनीति है।
पाकिस्तान फिर ग्रे लिस्ट में जा सकता है
भारतीय अधिकारियों ने FATF के समक्ष यह स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान लगातार आतंकवाद को समर्थन दे रहा है और टेरर फंडिंग के जरिए हथियारों की खरीद में लिप्त है। सूत्रों के मुताबिक, इन गतिविधियों को देखते हुए FATF अक्टूबर में पाकिस्तान को फिर ग्रे लिस्ट में डाल सकता है।
FATF के इतिहास में तीसरी बार हमले की सार्वजनिक निंदा
FATF ने पिछले 10 वर्षों में केवल तीन बार किसी आतंकी हमले की सार्वजनिक निंदा की है—पहली बार 2015 में, दूसरी बार 2019 में और अब तीसरी बार 2025 में।
भारत कर रहा FATF के लिए पुख्ता डोजियर तैयार
भारत, FATF की आगामी 25 अगस्त को होने वाली एशिया-पैसिफिक ग्रुप बैठक और 20 अक्टूबर की वर्किंग ग्रुप मीटिंग से पहले एक विस्तृत डोजियर तैयार कर रहा है। इसमें पाकिस्तान द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग से जुड़े FATF के नियमों के उल्लंघन को दर्शाया जाएगा।
IMF बेलआउट पैकेज पर भी भारत का विरोध
भारत सरकार ने 9 मई को पाकिस्तान को दिए गए 2.4 बिलियन डॉलर के IMF बेलआउट पैकेज का भी विरोध किया था। इसके बाद IMF ने अगली किश्त जारी करने से पहले पाकिस्तान पर 11 नई शर्तें लगा दी हैं, जिनमें बजट पर संसदीय मंजूरी, बिजली बिलों पर सरचार्ज और पुरानी कारों पर प्रतिबंध हटाने जैसे प्रावधान शामिल हैं।








