- इंस्पेक्टर का कॉन्स्टेबल के माध्यम से रिश्वत लेने का आरोप
- दोनों को कैंट थाने ले जाकर पूछताछ की जा रही है
- सुमित्रा देवी 2021 में लखनऊ से वाराणसी ट्रांसफर हुई थी
वाराणसी। वाराणसी में महिला थाने की प्रभारी इंस्पेक्टर सुमित्रा देवी को एंटी करप्शन टीम ने 10 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी ने खुद को निर्दोष साबित करने के लिए रिश्वत का प्रस्ताव देने वाले पीड़ित मेराज पर दबाव डालने की कोशिश की।
सूत्रों के अनुसार, इंस्पेक्टर सुमित्रा देवी प्रयागराज की रहने वाली हैं और 2010 में दरोगा बनी थीं। 2021 में उन्हें लखनऊ से वाराणसी ट्रांसफर किया गया। वह फिलहाल महिला थाने की प्रभारी हैं। आरोप है कि वह कॉन्स्टेबल के माध्यम से रिश्वत ले रही थीं। इस मामले में आरोपी कॉन्स्टेबल को भी गिरफ्तार किया गया है।
पीड़ित मेराज ने बताया कि उनके छोटे भाई की पत्नी रुकसार ने 26 अगस्त को उनके परिवार के 13 सदस्यों पर मुकदमा दर्ज कराया था। 28 सितंबर को सुमित्रा देवी उनके घर पहुंचीं और जेल भेजने की धमकी दी। बाद में 16 अक्टूबर को जब मेराज वाराणसी एंटी करप्शन कार्यालय पहुंचे और जाल बिछाया गया, तभी महिला इंस्पेक्टर और कॉन्स्टेबल रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए।
पुलिस कार्रवाई:
एंटी करप्शन टीम ने दोनों को गाड़ी में बैठाकर कैंट थाने ले जाया। वहां से पूछताछ जारी है। पुलिस ने बताया कि दोनों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।








