लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने पीडियाट्रिक विभाग के एडिशनल प्रोफेसर पर छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत के बाद आरोपी एडिशनल प्रोफेसर संजीव कुमार वर्मा को सस्पेंड कर दिया गया है।
पीड़ित डॉक्टर ने विश्वविद्यालय की विशाखा कमेटी के सामने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि कुछ दिन पहले गंभीर हालत में आए एक बच्चे का इलाज किया गया था। बच्चे की जान बचाने के लिए क्रिटिकल प्रोसीजर किया गया, जिसमें वह स्वयं और एडिशनल प्रोफेसर शामिल थे। डॉक्टरों के प्रयास से बच्चा स्वस्थ हो गया।
महिला डॉक्टर का आरोप है कि इलाज के दौरान प्रोफेसर ने कई बार गलत नजरों से देखा, जिसे उन्होंने नजरअंदाज किया। बाद में प्रोफेसर ने बधाई देते हुए “अकेले में पार्टी” देने की बात कही। मना करने पर एक दिन उन्हें केबिन में बच्चे की केस फाइल के बहाने बुलाया गया।
पीड़िता के अनुसार, केबिन में प्रोफेसर ने उनका हाथ पकड़कर गलत नीयत से अपनी ओर खींचा। विरोध करने पर उन्होंने कहा कि “तुम भी मुझे हिंट दे रही थी।” इस पर महिला डॉक्टर ने स्पष्ट किया कि उनकी ओर से ऐसा कोई संकेत नहीं था और यह गलतफहमी है।
बुधवार को मामला सामने आने के बाद कैंपस का माहौल गरमा गया। गुरुवार को लगातार दूसरे दिन विशाखा कमेटी की बैठक हुई, जो करीब चार घंटे चली। बैठक में सात सदस्य मौजूद रहे और पीडियाट्रिक विभाग के कई डॉक्टरों व रेजिडेंट्स के बयान दर्ज किए गए।








