- KGMU में पार्शियल नी रिप्लेसमेंट की पहली सफल सर्जरी
- सिर्फ 5mm का चीरा, 24 घंटे में मरीज डिस्चार्ज
- ऑपरेशन से मरीज को मिला नेचुरल मूवमेंट और फील
लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के डॉक्टरों ने घुटने के तेज और असहनीय दर्द से परेशान एक महिला का सफलतापूर्वक पार्शियल नी रिप्लेसमेंट कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस प्रक्रिया में डॉक्टरों को सिर्फ 5 मिलीमीटर का चीरा लगाना पड़ा, और मरीज को 24 घंटे के भीतर अस्पताल से छुट्टी के लिए फिट घोषित कर दिया गया।
इस अत्याधुनिक सर्जरी को अंजाम दिया KGMU के लिंब सेंटर के प्रोफेसर डॉ. शैलेंद्र सिंह और उनकी टीम ने। उन्होंने बताया कि यह सर्जरी उत्तर प्रदेश के किसी सरकारी संस्थान में इस विधि से पहली बार की गई है।
नेचुरल फील और सामान्य जीवन की गारंटी
डॉ. शैलेंद्र सिंह ने बताया कि इस पार्शियल नी रिप्लेसमेंट तकनीक से मरीज को पूरी तरह से घुटना बदलवाने की ज़रूरत नहीं पड़ती। इससे मरीज न केवल सामान्य तरीके से चल-फिर सकता है, बल्कि वह पलथी मारकर बैठने, अकड़ू बैठने और इंडियन स्टाइल वॉशरूम का भी इस्तेमाल कर सकता है।
स्पोर्ट्स एक्टिविटीज भी संभव
उन्होंने यह भी कहा कि इस सर्जरी के बाद मरीज स्पोर्ट्स जैसी गतिविधियों में भी हिस्सा ले सकता है। ट्रांसप्लांट के बावजूद मरीज को घुटनों में नेचुरल फीलिंग बनी रहती है, जिससे उसकी लाइफस्टाइल में कोई बड़ा बदलाव नहीं आता।








