
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में बुधवार को सामाजिक न्याय मोर्चा, उत्तर प्रदेश के बैनर तले यूजीसी विनियमावली 2026 के समर्थन में पैदल मार्च निकाला गया। यह मार्च स्वास्थ्य भवन चौराहे से शुरू होकर परिवर्तन चौक तक पहुंचा। मार्च के समापन के बाद कलेक्ट्रेट के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
मार्च में शामिल पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने यूजीसी विनियमावली 2026 को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में समानता और सामाजिक न्याय को मजबूत करने वाला कदम बताया। उनका कहना था कि यह विनियमावली वंचित वर्गों को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगी।
आरक्षण व्यवस्था को सख्ती से लागू करने की मांग
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने मांग की कि यूजीसी विनियमावली 2026 को सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि आरक्षण व्यवस्था का पूरी पारदर्शिता के साथ पालन हो, ताकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अन्य वंचित समुदायों को उनका संवैधानिक अधिकार मिल सके।
सरकारी नौकरियों में भी पारदर्शिता की मांग
मार्च में शामिल वकीलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि सिर्फ शिक्षा ही नहीं, बल्कि सरकारी नौकरियों में भी आरक्षण कोटा पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ लागू होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार नियमों की अनदेखी के चलते वंचित वर्गों को उनका हक नहीं मिल पाता।
सरकार से सकारात्मक पहल की उम्मीद
सामाजिक न्याय मोर्चा के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि केंद्र और राज्य सरकार इस मांग पर गंभीरता से विचार करेगी और यूजीसी विनियमावली 2026 को जल्द से जल्द प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। मार्च शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और इस दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए।








